---विज्ञापन---

देश angle-right

देशभर में इंटरनेट ठप होगा मिडिल ईस्ट की जंग के कारण? जानें समस्या से कैसे निपट सकता है भारत

Middle East War: ईरान के कारण फिर इंटरनेट ठप होने का संकट खड़ा हो गया है। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर टेंशन बढ़ गई है। अगर ईरान अपनी जिद पर अड़ा रहा और हालात बिगड़े तो ईरान होर्मुज स्ट्रेट में और हूती विद्रोही लाल सागर में बिछी इंटरनेट केबल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

---विज्ञापन---

Internet Disruption in India: मिडिल ईस्ट की जंग के कारण भारत में इंटरनेट ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर में भारत तक आने वाली इंटरनेट केबल बिछी हैं। अगर होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के द्वारा बिछाई गई माइन्स फटती हैं या होर्मुज स्ट्रेट पर हमले होते हैं तो इंटरनेट केबल डैमेज हो सकती है। ईरान सीधे इंटरनेट केबल को नुकसान पहुंचा सकता है, जिस वजह से भारत तक आने वाली सप्लाई ठप हो सकती है।

‘2-3 हफ्तों में पीछे हट जाएगी सेना…’, जंग के बीच ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, होर्मुज को लेकर क्यों बदला प्लान?

---विज्ञापन---

लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई बंद होगी

बता दें कि भारत तक इंटरनेट की सप्लाई लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट में बिछी 20 केबल के जरिए होती है, जो हिंद महासागर के रास्ते भारतीय समुद्र तटों पर बने स्टेशनों से कनेक्ट होती हैं। पूरे भारत में ज्यादातर इंटरनेट डेटा इन्हीं तारों के जरिए स्टेशन से होते हुए सप्लाई होता है। अगर दोनों स्ट्रेट में तारें टूटती हैं तो इंटरनेट पूरी तरह ठप नहीं होगा, लेकिन इतना स्लो हो जाएगा कि लोग काम ही कर पाएंगे। इस वजह से सभी डिजिटल सर्विस ठप पड़ जाएंगी।

60 प्रतिशत डेटा होर्मुज और लाल सागर से आता

बता दें कि अगर इंटरनेट ठप हुआ तो कंपनियों को इंटरनेट डेटा के लिए दूसरे लंबे रास्ते इस्तेमाल करने होंगे। देश में करीब 60% इंटरनेट सप्लाई मुंबई के रास्ते से हिंद महासागर होते हुए लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट के जरिए यूरोप तक जाती है। वहीं 40% ट्रैफिक चेन्नई के रास्ते सिंगापुर होते हुए प्रशांत महासागर तक जाता है। फिलहाल भारत के लैंडिंग स्टेशनों पर अभी तक 17 इंटरनेट केबल के जरिए ही डेटा आ रहा है, जिससे भारत में डिजिटल वर्क हो रहा है।

---विज्ञापन---

पश्चिम एशिया से न गुजरने वाली केबल की जरूरत

इंटरनेट एक्सपर्ट कहते हैं कि इंटरनेट पूरी तरह ठप होने के आसार कम हैं, क्योंकि केवल एक केबल नहीं है, बल्कि केबल का जाल बिछा है, जैसे सड़कों और रेलवे ट्रैक का होता है। अगर एक काम नहीं कर रहा है तो रूट को डायवर्ट कर दिया जाएगा। भारत सरकार को इंटरनेट डेटा के लिए पश्चिम एशिया ने न गुजरने वाली केबल तलाशनी होगी। समुद्र के अंदर डैमेल इंटरनेट केबल को ठीक करने की टेक्नोलॉजी भी विकसित करनी होगी। एयरटेल इस दिशा में काम कर रही है।

US कंपनियों पर हमला करेगा ईरान, लिस्ट में गूगल, टेस्ला, माइक्रोसॉफ्ट समेत 18 कंपनियों के नाम

---विज्ञापन---

ईरान ने 18 कंपनियों पर हमला करने की धमकी दी

बता दें कि ईरान के निशाने पर पश्चिम एशिया में एक्टिव मेटा और गूगल समेत 18 अमेरिकी कंपनियां हैं, जिनकी लिस्ट जारी करके ईरान ने हमले करने की चेतावनी दी है। अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में नंताज परमाणु केंद्र के आस-पास हमले किए थे तो इसके जवाब में ईरान ने कंपनियों पर हमला करने की धमकी दी है। ऐसे में इंटरनेशनल लेवल पर बहस छिड़ी हुई है कि जंग के कारण जहां इंटरनेट ठप होगा, वहीं लोगों की सोशल मीडिया लाइफ भी रुक सकती है।

First published on: Apr 01, 2026 06:52 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola