देशभर में इंटरनेट ठप होगा मिडिल ईस्ट की जंग के कारण? जानें समस्या से कैसे निपट सकता है भारत

Middle East War: ईरान के कारण फिर इंटरनेट ठप होने का संकट खड़ा हो गया है। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर टेंशन बढ़ गई है। अगर ईरान अपनी जिद पर अड़ा रहा और हालात बिगड़े तो ईरान होर्मुज स्ट्रेट में और हूती विद्रोही लाल सागर में बिछी इंटरनेट केबल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

Internet Cables Under Sea

होर्मुज स्ट्रेट में जंग के कारण इंटरनेट सर्विस बंद होगी।

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Internet Disruption in India: मिडिल ईस्ट की जंग के कारण भारत में इंटरनेट ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर में भारत तक आने वाली इंटरनेट केबल बिछी हैं। अगर होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के द्वारा बिछाई गई माइन्स फटती हैं या होर्मुज स्ट्रेट पर हमले होते हैं तो इंटरनेट केबल डैमेज हो सकती है। ईरान सीधे इंटरनेट केबल को नुकसान पहुंचा सकता है, जिस वजह से भारत तक आने वाली सप्लाई ठप हो सकती है।

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लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई बंद होगी

बता दें कि भारत तक इंटरनेट की सप्लाई लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट में बिछी 20 केबल के जरिए होती है, जो हिंद महासागर के रास्ते भारतीय समुद्र तटों पर बने स्टेशनों से कनेक्ट होती हैं। पूरे भारत में ज्यादातर इंटरनेट डेटा इन्हीं तारों के जरिए स्टेशन से होते हुए सप्लाई होता है। अगर दोनों स्ट्रेट में तारें टूटती हैं तो इंटरनेट पूरी तरह ठप नहीं होगा, लेकिन इतना स्लो हो जाएगा कि लोग काम ही कर पाएंगे। इस वजह से सभी डिजिटल सर्विस ठप पड़ जाएंगी।

60 प्रतिशत डेटा होर्मुज और लाल सागर से आता

बता दें कि अगर इंटरनेट ठप हुआ तो कंपनियों को इंटरनेट डेटा के लिए दूसरे लंबे रास्ते इस्तेमाल करने होंगे। देश में करीब 60% इंटरनेट सप्लाई मुंबई के रास्ते से हिंद महासागर होते हुए लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट के जरिए यूरोप तक जाती है। वहीं 40% ट्रैफिक चेन्नई के रास्ते सिंगापुर होते हुए प्रशांत महासागर तक जाता है। फिलहाल भारत के लैंडिंग स्टेशनों पर अभी तक 17 इंटरनेट केबल के जरिए ही डेटा आ रहा है, जिससे भारत में डिजिटल वर्क हो रहा है।

पश्चिम एशिया से न गुजरने वाली केबल की जरूरत

इंटरनेट एक्सपर्ट कहते हैं कि इंटरनेट पूरी तरह ठप होने के आसार कम हैं, क्योंकि केवल एक केबल नहीं है, बल्कि केबल का जाल बिछा है, जैसे सड़कों और रेलवे ट्रैक का होता है। अगर एक काम नहीं कर रहा है तो रूट को डायवर्ट कर दिया जाएगा। भारत सरकार को इंटरनेट डेटा के लिए पश्चिम एशिया ने न गुजरने वाली केबल तलाशनी होगी। समुद्र के अंदर डैमेल इंटरनेट केबल को ठीक करने की टेक्नोलॉजी भी विकसित करनी होगी। एयरटेल इस दिशा में काम कर रही है।

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ईरान ने 18 कंपनियों पर हमला करने की धमकी दी

बता दें कि ईरान के निशाने पर पश्चिम एशिया में एक्टिव मेटा और गूगल समेत 18 अमेरिकी कंपनियां हैं, जिनकी लिस्ट जारी करके ईरान ने हमले करने की चेतावनी दी है। अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में नंताज परमाणु केंद्र के आस-पास हमले किए थे तो इसके जवाब में ईरान ने कंपनियों पर हमला करने की धमकी दी है। ऐसे में इंटरनेशनल लेवल पर बहस छिड़ी हुई है कि जंग के कारण जहां इंटरनेट ठप होगा, वहीं लोगों की सोशल मीडिया लाइफ भी रुक सकती है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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