कौन था हमजा बुरहान? 1999 में जन्मा पुलवामा का मास्टरमाइंड, पाकिस्तान में ‘डॉक्टर’ के नाम से था मशहूर
पाकिस्तान में हुई उसकी हत्या ने एक बार फिर सीमा पार आतंकी नेटवर्क की आंतरिक कलह को उजागर किया है. हमजा बुरहान जैसे युवाओं का आम जिंदगी से आतंक की राह पर जाना कश्मीर की पीढ़ी को प्रभावित करने वाली समस्या का प्रतीक बन गया.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: May 21, 2026 19:49
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: May 21, 2026 19:49
Share :
---विज्ञापन---
पाकिस्तान में 'डॉक्टर' के नाम से मशहूर यह युवक जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था. 1999 में जन्मा अरजुमंद गुलजार डार बाद में आतंक की दुनिया में हमजा बुरहान बन गया. हाल ही में पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में किसी अज्ञात हमलावर ने उसे मार गिराया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है. पुलवामा के खरबतपोरा रत्नीपोरा इलाके में 1999 में पैदा हुए अरजुमंद गुलजार डार की शुरुआती जिंदगी आम थी. उसके पिता गुलजार अहमद डार के नाम से जाना जाता था.
पाकिस्तान में जॉइन किया अल-बद्र आतंकी संगठन
वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसने अल-बद्र आतंकी संगठन जॉइन कर लिया और धीरे-धीरे उसका सक्रिय कमांडर बन गया. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित कर अल-बद्र में भर्ती करवाने में सक्रिय रहा. वह सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए प्रचार करता था. जांच एजेंसियां उसे फंडिंग, लॉजिस्टिक सपोर्ट और युवाओं को आतंक की राह पर ले जाने का प्रमुख ऑपरेटर मानती थीं.
पुलवामा क्षेत्र में विस्फोटक बरामदगी के कई मामलों में उसका नाम सामने आया. नवंबर 2020 में सीआरपीएफ जवानों पर हुए ग्रेनेड हमले से भी उसका संबंध जोड़ा गया. हालांकि 2019 के बड़े पुलवामा हमले में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका का आधिकारिक उल्लेख नहीं है, लेकिन सुरक्षा हलकों में उसे स्थानीय आतंकी ढांचे का अहम हिस्सा माना जाता था.
Pulwama Terror Attack Anniversary
भारत विरोधी आतंकी ऑपरेशन
मुजफ्फराबाद में रहते हुए हमजा बुरहान ने खुद को एक साधारण शिक्षक बताकर छिपने की कोशिश की. लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियां लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं. पाकिस्तान की जमीन से भारत विरोधी आतंकी ऑपरेशनों को संचालित करने का आरोप उसके ऊपर था. गृह मंत्रालय ने अरजुमंद गुलजार डार यानी हमजा बुरहान को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था. आधिकारिक अधिसूचना में साफ कहा गया कि वह पाकिस्तान से संचालित होकर भारत में अस्थिरता फैलाने का काम कर रहा था. उस पर कई गंभीर आरोप दर्ज थे.
पाकिस्तान में हुई उसकी हत्या ने एक बार फिर सीमा पार आतंकी नेटवर्क की आंतरिक कलह को उजागर किया है. हमजा बुरहान जैसे युवाओं का आम जिंदगी से आतंक की राह पर जाना कश्मीर की पीढ़ी को प्रभावित करने वाली समस्या का प्रतीक बन गया. सुरक्षा एजेंसियां अब इस हत्या के मकसद और इसके व्यापक असर का आकलन कर रही हैं.
पाकिस्तान में ‘डॉक्टर’ के नाम से मशहूर यह युवक जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था. 1999 में जन्मा अरजुमंद गुलजार डार बाद में आतंक की दुनिया में हमजा बुरहान बन गया. हाल ही में पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में किसी अज्ञात हमलावर ने उसे मार गिराया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है. पुलवामा के खरबतपोरा रत्नीपोरा इलाके में 1999 में पैदा हुए अरजुमंद गुलजार डार की शुरुआती जिंदगी आम थी. उसके पिता गुलजार अहमद डार के नाम से जाना जाता था.
पाकिस्तान में जॉइन किया अल-बद्र आतंकी संगठन
वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसने अल-बद्र आतंकी संगठन जॉइन कर लिया और धीरे-धीरे उसका सक्रिय कमांडर बन गया. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित कर अल-बद्र में भर्ती करवाने में सक्रिय रहा. वह सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए प्रचार करता था. जांच एजेंसियां उसे फंडिंग, लॉजिस्टिक सपोर्ट और युवाओं को आतंक की राह पर ले जाने का प्रमुख ऑपरेटर मानती थीं.
पुलवामा क्षेत्र में विस्फोटक बरामदगी के कई मामलों में उसका नाम सामने आया. नवंबर 2020 में सीआरपीएफ जवानों पर हुए ग्रेनेड हमले से भी उसका संबंध जोड़ा गया. हालांकि 2019 के बड़े पुलवामा हमले में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका का आधिकारिक उल्लेख नहीं है, लेकिन सुरक्षा हलकों में उसे स्थानीय आतंकी ढांचे का अहम हिस्सा माना जाता था.
---विज्ञापन---
Pulwama Terror Attack Anniversary
भारत विरोधी आतंकी ऑपरेशन
मुजफ्फराबाद में रहते हुए हमजा बुरहान ने खुद को एक साधारण शिक्षक बताकर छिपने की कोशिश की. लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियां लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं. पाकिस्तान की जमीन से भारत विरोधी आतंकी ऑपरेशनों को संचालित करने का आरोप उसके ऊपर था. गृह मंत्रालय ने अरजुमंद गुलजार डार यानी हमजा बुरहान को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था. आधिकारिक अधिसूचना में साफ कहा गया कि वह पाकिस्तान से संचालित होकर भारत में अस्थिरता फैलाने का काम कर रहा था. उस पर कई गंभीर आरोप दर्ज थे.
पाकिस्तान में हुई उसकी हत्या ने एक बार फिर सीमा पार आतंकी नेटवर्क की आंतरिक कलह को उजागर किया है. हमजा बुरहान जैसे युवाओं का आम जिंदगी से आतंक की राह पर जाना कश्मीर की पीढ़ी को प्रभावित करने वाली समस्या का प्रतीक बन गया. सुरक्षा एजेंसियां अब इस हत्या के मकसद और इसके व्यापक असर का आकलन कर रही हैं.