कौन है 194 साल का ‘जोनाथन’, जिससे मुलाकात करेंगे PM मोदी; जानें कितनी अहम है सेशेल्स की यात्रा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार (27 जून) को सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं. उनकी यह यात्रा 27 जून से 29 जून तक होगी. हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स को आजादी मिलने के 50 साल पूरे होने को लेकर होने वाले कार्यक्रम में पीएम मोदी चीफ गेस्ट भी होंगे. यह प्रधानमंत्री की दूसरी सेशेल्स यात्रा है. इससे पहले वह 2015 में यहां गए थे. भारतीय सेना की एक टुकड़ी और नौसेना के दो जहाज भी इस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं.
Edited By : Versha Singh|Updated: Jun 27, 2026 11:13
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार (27 जून) को सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं. उनकी यह यात्रा 27 जून से 29 जून तक होगी. हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स को आजादी मिलने के 50 साल पूरे होने को लेकर होने वाले कार्यक्रम में पीएम मोदी चीफ गेस्ट भी होंगे. यह प्रधानमंत्री की दूसरी सेशेल्स यात्रा है. इससे पहले वह 2015 में यहां गए थे. भारतीय सेना की एक टुकड़ी और नौसेना के दो जहाज भी इस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं.
इस दौरे से यूं तो दोनों मुल्कों के रिश्तों को नई मजबूती और गर्मजोशी मिलेगी, लेकिन प्रधानमंत्री की होने वाली एक मुलाकात की खूब चर्चा हो रही है.
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दुनिया के सबसे अधिक उम्र के जीव से मिलेंगे पीएम मोदी
इस यात्रा की एक बेहद खास बात भी सामने आई है. मिली जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी सेशेल्स में दुनिया के सबसे अधिक उम्र वाले जीवित स्थलीय जीव ‘जोनाथन’ से भी मिलेंगे. जोनाथन एल्डाब्रा जायंट कछुआ है. उसकी उम्र लगभग 194 वर्ष है. फिलहाल सेशेल्स विशाल कछुआ उप-प्रजाति का जोनाथन देश की राजधानी जेम्सटाउन स्थित नेशनल बोटैनिकल गार्डेन में रहता है.
वैसे तो जोनाथन की सटीक उम्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार जोनाथन दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय स्पीशीज है. यह अपनी प्रजाति की औसत आयु (लगभग 150 वर्ष) से काफी अधिक जी चुका है.
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सेशेल्स मनाएगा अपनी स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती
इस प्रतीकात्मक मुलाकात को दीर्घायु, विरासत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और सेशेल्स के बीच जैव विविधता संरक्षण जैसे साझा मूल्यों को भी दिखाता है. हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स को 29 जून 1976 को ब्रिटेन से आजादी मिली थी. इस वर्ष देश अपनी स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती मना रहा है, जिससे पीएम मोदी की यह यात्रा और भी खास बन गई है.
यात्रा के दौरान वे सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. दोनों नेता समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और रक्षा सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी साल 2015 में भी सेशेल्स की यात्रा कर चुके हैं.
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कई अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स बोटैनिकल गार्डन में तीन पौधारोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे. इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधिता की रक्षा और जलवायु के प्रति सजगता प्रदर्शित करना है. बता दें कि सेशेल्स और भारत के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर अच्छे संबंध हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत एवं स्थायी मित्रता की फिर से पुष्टि करेगी तथा सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी.’
मंत्रालय ने कहा, ‘यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ वार्ता करेंगे, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी तथा पारस्परिक हित से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा.
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Prime Minister @narendramodi has departed for Seychelles on a State Visit. PM last visited Seychelles in 2015. The visit also coincides with 50 years of establishment of diplomatic relations between India and Seychelles.
बता दें कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन अपनी आर्थिक रणनीति के विस्तार में लगा है. ऐसे में सेशेल्स जैसे द्वीपीय देशों में मूलभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश करके चीन अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहता है. इससे पहले फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति भारत आए थे. हिंद महासागर के क्षेत्र में भारत एक नेट सेक्योरिटी प्रोवाइडर है. ऐसे में सेशेल्स जैसे द्वीपीय देशों से मजबूत सहयोग के जरिए समुद्रीम मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत का उद्देश्य है.