Who is Nandan Nilekani : देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में PM नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की. इस उच्चस्तरीय समिति की कमान टेक दिग्गज और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलकेणि को सौंपी गई है. PM मोदी ने सोशल मीडिया पर दिए संदेश में कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है. पेपर लीक जैसी धांधली में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और तेज सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी बनाए गए हैं. हालांकि, भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली में बुनियादी सुधार आवश्यक हैं, ताकि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर इसे पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा सके.

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देश में हाई लेवल टास्क फोर्स का गठन, PM मोदी ने वीडियो मैसेज में किया ऐलान

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कौन हैं नंदन नीलकेणि?

नंदन नीलकेणि भारतीय आईटी उद्योग का एक जाना-माना नाम हैं. नीलकेणि ने 1981 में नारायण मूर्ति और अन्य साथियों के साथ मिलकर आईटी कंपनी 'इंफोसिस' की शुरुआत की थी. भारत की बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली 'आधार' (UIDAI) को धरातल पर उतारने का पूरा श्रेय नंदन नीलकेणि को ही जाता है. वे 2009 से 2014 तक UIDAI के पहले अध्यक्ष रहे. यूपीआई (UPI), फास्टैग और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में उनकी तकनीकी दूरदर्शिता का बड़ा योगदान रहा है. आईआईटी बॉम्बे से पढ़े नीलकेणि को भारत सरकार द्वारा 'पद्म भूषण' सम्मान से नवाजा जा चुका है.

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टास्क फोर्स का क्या होगा काम?

नंदन नीलकेणि के नेतृत्व में बनी यह कमेटी परीक्षा में धांधली रोकने, प्रश्नपत्र सुरक्षा सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर काम करेगी. इस टास्क फोर्स में इसरो (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामाकोटी समेत विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख विशेषज्ञ शामिल हैं. टास्क फोर्स अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर परीक्षा सुधार लागू किए जाएंगे.

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