PM Modi Viksit Vibrant Village Programme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026' के प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की. इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित गांव ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी आधारशिला हैं. भारत को विकसित बनाने की यात्रा लगातार जारी है और इस महान संकल्प में देश के युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश का युवा जमीन से जुड़ता है, तो विकसित भारत का सपना और भी व्यापक हो जाता है. इससे युवाओं के मन में देश के लिए जीने और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प और मजबूत होता है. उन्होंने युवाओं से कहा कि इस अभियान के दौरान आपने खुद अनुभव किया होगा कि सीमावर्ती इलाकों में जीवन कितना कठिन है. इतनी चुनौतियों और मुश्किलों के बावजूद वहां रहने वाले लोग हर पल देशभक्ति के साथ जीते हैं.
'आखिरी गांव' की सोच बदली
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने पुरानी नीतियों पर बात करते हुए कहा कि कुछ साल पहले तक इन सीमावर्ती गांवों को सिर्फ 'आखिरी गांव' मान लिया गया था और उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया गया था. उस समय वहां सड़क, बिजली, पानी, स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि तमाम असुविधाओं और कठिनाइयों के बाद भी सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की देशभक्ति में कभी कोई कमी नहीं आई. वे हर परिस्थिति में देश की रक्षा और सेवा के लिए अडिग रहे. युवाओं का इन गांवों में जाना और वहां के जीवन को करीब से देखना देश की अखंडता को और मजबूती देता है.
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित गांव ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे मजबूत नींव हैं। देश को विकसित बनाने का सफर लगातार जारी है और इस यात्रा में देश के युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश का युवा सीधे जमीन और आम लोगों से जुड़ता है, तो विकसित भारत का सपना और भी व्यापक और स्पष्ट हो जाता है। इससे युवाओं के मन में देश के लिए जीने और राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान देने का संकल्प और गहरा होता है।
मुश्किल हालात, फिर भी बुलंद देशभक्ति
संवाद के दौरान पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि इस अभियान के दौरान आपने खुद महसूस किया होगा कि सीमावर्ती यानी बॉर्डर के गांवों में जीवन कितना कठिन और चुनौतियों से भरा है। तमाम दिक्कतों और असुविधाओं के बावजूद वहां रहने वाले लोग हर पल देशभक्ति के साथ अपनी जिंदगी बिताते हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस पहल का मुख्य मकसद देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख के दुर्गम सीमावर्ती गांवों तक भेजना था. सरकार चाहती थी कि देश के युवा खुद वहां जाकर देखें कि हमारे सीमावर्ती लोग किन चुनौतियों के बीच रहते हैं, उनका खान-पान, रोजगार, संस्कृति और रहन-सहन कैसा है. इसके साथ ही, देश की सुरक्षा को लेकर वहां के निवासी कितने जागरूक हैं, यह अनुभव भी युवाओं के लिए बेहद जरूरी था.
3 लाख युवाओं में से चुने गए 400 प्रतिभागी
इस अभियान को लेकर देशभर के युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया. इस कार्यक्रम में लगभग 3 लाख युवाओं ने हिस्सा लिया था, जिनमें से कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 400 से अधिक युवाओं को चुना गया. इन चुनिंदा युवाओं को एक हफ्ते तक उन दूर-दराज के सीमावर्ती गांवों में रहने का मौका मिला, जिनसे वे अब तक अनजान थे.
प्रतिभागियों ने वहां के स्थानीय लोगों के साथ घुल-मिलकर समय बिताया और अपनी संस्कृति को उनके साथ साझा किया. पीएम मोदी ने युवाओं के इस अनुभव को 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना का सबसे बेहतरीन उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि जब देश का युवा जमीनी हकीकत को समझता है, तभी राष्ट्र निर्माण की नींव और मजबूत होती है.
PM Modi Viksit Vibrant Village Programme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026’ के प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की. इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित गांव ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी आधारशिला हैं. भारत को विकसित बनाने की यात्रा लगातार जारी है और इस महान संकल्प में देश के युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश का युवा जमीन से जुड़ता है, तो विकसित भारत का सपना और भी व्यापक हो जाता है. इससे युवाओं के मन में देश के लिए जीने और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प और मजबूत होता है. उन्होंने युवाओं से कहा कि इस अभियान के दौरान आपने खुद अनुभव किया होगा कि सीमावर्ती इलाकों में जीवन कितना कठिन है. इतनी चुनौतियों और मुश्किलों के बावजूद वहां रहने वाले लोग हर पल देशभक्ति के साथ जीते हैं.
‘आखिरी गांव’ की सोच बदली
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने पुरानी नीतियों पर बात करते हुए कहा कि कुछ साल पहले तक इन सीमावर्ती गांवों को सिर्फ ‘आखिरी गांव’ मान लिया गया था और उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया गया था. उस समय वहां सड़क, बिजली, पानी, स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि तमाम असुविधाओं और कठिनाइयों के बाद भी सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की देशभक्ति में कभी कोई कमी नहीं आई. वे हर परिस्थिति में देश की रक्षा और सेवा के लिए अडिग रहे. युवाओं का इन गांवों में जाना और वहां के जीवन को करीब से देखना देश की अखंडता को और मजबूती देता है.
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित गांव ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे मजबूत नींव हैं। देश को विकसित बनाने का सफर लगातार जारी है और इस यात्रा में देश के युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश का युवा सीधे जमीन और आम लोगों से जुड़ता है, तो विकसित भारत का सपना और भी व्यापक और स्पष्ट हो जाता है। इससे युवाओं के मन में देश के लिए जीने और राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान देने का संकल्प और गहरा होता है।
मुश्किल हालात, फिर भी बुलंद देशभक्ति
संवाद के दौरान पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि इस अभियान के दौरान आपने खुद महसूस किया होगा कि सीमावर्ती यानी बॉर्डर के गांवों में जीवन कितना कठिन और चुनौतियों से भरा है। तमाम दिक्कतों और असुविधाओं के बावजूद वहां रहने वाले लोग हर पल देशभक्ति के साथ अपनी जिंदगी बिताते हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस पहल का मुख्य मकसद देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख के दुर्गम सीमावर्ती गांवों तक भेजना था. सरकार चाहती थी कि देश के युवा खुद वहां जाकर देखें कि हमारे सीमावर्ती लोग किन चुनौतियों के बीच रहते हैं, उनका खान-पान, रोजगार, संस्कृति और रहन-सहन कैसा है. इसके साथ ही, देश की सुरक्षा को लेकर वहां के निवासी कितने जागरूक हैं, यह अनुभव भी युवाओं के लिए बेहद जरूरी था.
3 लाख युवाओं में से चुने गए 400 प्रतिभागी
इस अभियान को लेकर देशभर के युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया. इस कार्यक्रम में लगभग 3 लाख युवाओं ने हिस्सा लिया था, जिनमें से कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 400 से अधिक युवाओं को चुना गया. इन चुनिंदा युवाओं को एक हफ्ते तक उन दूर-दराज के सीमावर्ती गांवों में रहने का मौका मिला, जिनसे वे अब तक अनजान थे.
प्रतिभागियों ने वहां के स्थानीय लोगों के साथ घुल-मिलकर समय बिताया और अपनी संस्कृति को उनके साथ साझा किया. पीएम मोदी ने युवाओं के इस अनुभव को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना का सबसे बेहतरीन उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि जब देश का युवा जमीनी हकीकत को समझता है, तभी राष्ट्र निर्माण की नींव और मजबूत होती है.