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Miyazaki Mango: एक किलो आम की कीमत में खरीद लेंगे 45 ग्राम सोना या साढ़े तीन किलो चांदी, जानें क्यों खास है ये

Miyazaki Mango: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में तीन दिवसीय मैंगो फेस्टिवल का आयोजन चल रहा है। मोडेला केयरटेकर सेंटर एंड स्कूल (MCCS) ने ये आयोजन एसोसिएशन फॉर कंजर्वेशन एंड टूरिज्म (ACT) के सहयोग से किया है। इस फेस्टिवल में 262 से अधिक किस्मों के आम रखे गए हैं। बंगाल के 9 जिलों के 55 आम […]

Miyazaki Mango: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में तीन दिवसीय मैंगो फेस्टिवल का आयोजन चल रहा है। मोडेला केयरटेकर सेंटर एंड स्कूल (MCCS) ने ये आयोजन एसोसिएशन फॉर कंजर्वेशन एंड टूरिज्म (ACT) के सहयोग से किया है। इस फेस्टिवल में 262 से अधिक किस्मों के आम रखे गए हैं। बंगाल के 9 जिलों के 55 आम उत्पादकों ने हिस्सा लिया है।

फेस्टिवल में अल्फांसो, लंगड़ा, आम्रपाली, सूर्यपुरी, रानीपसंद, लक्ष्मणभोग, फजली, बीरा, सिंधु, हिमसागर, कोहिनूर जैसी प्रजातियों के आम शामिल हैं। लेकिन सबकी नजर मियाजाकी आम चर्चा में है। इस आम की कीमत 2.75 लाख रुपए प्रति किलो है। यानी एक किलो आम की कीमत में आ 45 ग्राम सोना और साढ़े तीन किलो चांदी खरीद सकते हैं। 10 जून को प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत 61 हजार रुपए और चांदी का रेट 79 हजार रुपए प्रति किलो है। दावा है कि ये दुनिया का सबसे महंगा आम है।

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शौकत हुसैन ने अपने बगीचे में उगाया

मियाजाकी आम को अब बंगाल के किसान अपने बगीचों में उगा रहे हैं। बीरभूम जिले के लाभपुर के किसान शौकत हुसैन ने कहा कि वह पहली बार फेस्टिवल में हिस्सा ले रहे हैं। वे मियाजाकी किस्म के आम लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश से पौधे मंगवाए और उन्हें बीरभूम में अपने बगीचे में लगाया।

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शौकत कहते हैं कि भारी उत्पादन के साथ सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसे राज्य के किसी भी हिस्से में उगाया जा सकता है और किसानों की आर्थिक स्थिति को बदल सकता है।

संयोजक राज बसु ने कहा कि आम की 262 से अधिक किस्मों को फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया है। उनमें से मियाजाकी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लोग आम को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।

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नाम के पीछे ये कहानी

मियाजाकी आम का उत्पादन कैलिफोर्निया में 1940 के वर्ष में शुरू किया गया था। बाद में इसे जापान के मियाजाकी शहर में लाया गया और इस तरह इसका नाम मियाजाकी आम पड़ा। हाल ही में ज्यादातर बंगाल के भारतीय उत्पादकों ने अपने बगीचों में इस किस्म को उगाना शुरू कर दिया है।

इसे ‘रेड सन’ और बंगाली में ‘सूरजा डिम’ (लाल अंडा) के नाम से भी जाना जाता है। आम अपने पोषक तत्वों, स्वाद, रंग और मिठास के लिए लोकप्रिय है।

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First published on: Jun 10, 2023 11:54 AM

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