देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी और केरल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है. इसी क्रम में गुरुवार को पश्चिम बंगाल में पहले चरण और तमिलनाडु में सिंगल फेज के लिए मतदान हुआ. लोकतंत्र के लिए आज का दिन 'सुपर गुरुवार' साबित हुआ, क्योंकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु ने मतदान का नया इतिहास रचा गया. दोनों राज्यों में सुबह सात बजे शुरू हुई वोटिंग शाम छह बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
कहां कितने प्रतिशत हुई वोटिंग?
सामने आई तस्वीरों और आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं ने घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का पूरा उपयोग किया. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों पर रिकॉर्ड 91.40 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो राज्य के इतिहास का सर्वाधिक आंकड़ा है. वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर सिंगल चरण में सबसे अधिक 84.35 प्रतिशत वोट पड़े.
1478 उम्मीदवारों की किस्मत का हुआ फैसला
पश्चिम बंगाल में 16 जिलों की इन 152 विधानसभा सीटों पर 1478 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला हुआ, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा (BJP) के बीच कड़ा मुकाबला देखा गया. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन कुछ इलाकों में तनाव की खबरें भी आईं. मुर्शिदाबाद में टीएमसी कार्यकर्ताओं और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट पार्टी (AUDFP) के संस्थापक हुमायूं कबीर समर्थकों के बीच झड़प हुई. सिलीगुड़ी तथा कुमारगंज में भी टीएमसी-भाजपा समर्थकों के बीच छोटे-मोटे बवाल की सूचना मिली.
यह भी पढ़ें: टीएमसी सांसद ने CRPF असिस्टेंट कमांडेंट पर मारपीट का आरोप लगाया, वीडियो जारी
सुवेंदु अधिकारी पर हुआ हमला!
भाजपा उम्मीददवार सुवेंदु अधिकारी ने कुमारगंज में कई बूथों से अपने पोलिंग एजेंटों को हटाए जाने तथा खुद पर हमले का आरोप लगाया. निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद इन घटनाओं पर नजर रखी. दूसरी ओर तमिलनाडु में वोटिंग पूरी तरह शांतिपूर्ण रही. सभी 234 सीटों के लिए एक ही चरण में हुए मतदान में द्रविड़ मुनेत्र कढ़गम (DMK) नीत इंडिया गठबंधन और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कढ़गम (AIADMK)-भाजपा के एनडीए गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद जताई जा रही है.
कब आएंगे चुनाव के नतीजे?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, विपक्षी नेता एदप्पादी के पलानीस्वामी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने मतदान किया. चेन्नई, तिरुपुर जैसे जिलों में शुरुआती आंकड़ों में 82 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई. इन चुनावों में महिलाओं का उत्साह मुख्य आकर्षण रहा, जो कल्याण योजनाओं, विकास और स्थानीय मुद्दों से प्रेरित दिखा. पश्चिम बंगाल में दोपहर एक बजे तक 62 प्रतिशत से अधिक तथा तमिलनाडु में भी समानांतर बढ़त दर्ज की गई. 4 मई को होने वाली मतगणना लोकतंत्र की दिशा तय करेगी.
यह भी पढ़ें: क्या होता है झालमुड़ी का मतलब, जिसने गूगल सर्च पर तोड़ दिया 22 साल का रिकॉर्ड?
देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी और केरल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है. इसी क्रम में गुरुवार को पश्चिम बंगाल में पहले चरण और तमिलनाडु में सिंगल फेज के लिए मतदान हुआ. लोकतंत्र के लिए आज का दिन ‘सुपर गुरुवार’ साबित हुआ, क्योंकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु ने मतदान का नया इतिहास रचा गया. दोनों राज्यों में सुबह सात बजे शुरू हुई वोटिंग शाम छह बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
कहां कितने प्रतिशत हुई वोटिंग?
सामने आई तस्वीरों और आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं ने घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का पूरा उपयोग किया. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों पर रिकॉर्ड 91.40 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो राज्य के इतिहास का सर्वाधिक आंकड़ा है. वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर सिंगल चरण में सबसे अधिक 84.35 प्रतिशत वोट पड़े.
1478 उम्मीदवारों की किस्मत का हुआ फैसला
पश्चिम बंगाल में 16 जिलों की इन 152 विधानसभा सीटों पर 1478 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला हुआ, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा (BJP) के बीच कड़ा मुकाबला देखा गया. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन कुछ इलाकों में तनाव की खबरें भी आईं. मुर्शिदाबाद में टीएमसी कार्यकर्ताओं और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट पार्टी (AUDFP) के संस्थापक हुमायूं कबीर समर्थकों के बीच झड़प हुई. सिलीगुड़ी तथा कुमारगंज में भी टीएमसी-भाजपा समर्थकों के बीच छोटे-मोटे बवाल की सूचना मिली.
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सुवेंदु अधिकारी पर हुआ हमला!
भाजपा उम्मीददवार सुवेंदु अधिकारी ने कुमारगंज में कई बूथों से अपने पोलिंग एजेंटों को हटाए जाने तथा खुद पर हमले का आरोप लगाया. निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद इन घटनाओं पर नजर रखी. दूसरी ओर तमिलनाडु में वोटिंग पूरी तरह शांतिपूर्ण रही. सभी 234 सीटों के लिए एक ही चरण में हुए मतदान में द्रविड़ मुनेत्र कढ़गम (DMK) नीत इंडिया गठबंधन और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कढ़गम (AIADMK)-भाजपा के एनडीए गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद जताई जा रही है.
कब आएंगे चुनाव के नतीजे?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, विपक्षी नेता एदप्पादी के पलानीस्वामी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने मतदान किया. चेन्नई, तिरुपुर जैसे जिलों में शुरुआती आंकड़ों में 82 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई. इन चुनावों में महिलाओं का उत्साह मुख्य आकर्षण रहा, जो कल्याण योजनाओं, विकास और स्थानीय मुद्दों से प्रेरित दिखा. पश्चिम बंगाल में दोपहर एक बजे तक 62 प्रतिशत से अधिक तथा तमिलनाडु में भी समानांतर बढ़त दर्ज की गई. 4 मई को होने वाली मतगणना लोकतंत्र की दिशा तय करेगी.
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