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पश्चिम बंगाल

टीएमसी सांसद ने CRPF असिस्टेंट कमांडेंट पर मारपीट का आरोप लगाया, वीडियो जारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सीआरपीएफ की तैनाती को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के आरोपों ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. सीआरपीएफ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है.

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Written By: Pawan Mishra Updated: Apr 23, 2026 16:09

इस बार के बंगाल विधानसभा चुनाव में सीआरपीएफ की सबसे बड़ी बटालियन को तैनात किया गया है, जिसकी संख्या लगभग 2 लाख 40 हजार बताई जा रही है. इसी बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सीआरपीएफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार के इशारे पर बंगाल में पैरा मिलिट्री फोर्स काम कर रही है. हालांकि, इन आरोपों को सीआरपीएफ ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है.

महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय बल बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं और मतदाताओं को डराने के लिए सैन्य शैली का टेकओवर किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि जिस वीडियो का जिक्र सांसद महुआ मोइत्रा ने किया है, वह नंदीग्राम का है.

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सीआरपीएफ की तरफ से भी एक ताजा वीडियो न्यूज 24 को दिया गया है, जिसमें यह बताया गया है कि पैरा मिलिट्री फोर्स वोटर्स की सुरक्षा और उन्हें हर संभव मदद व सुविधा देने के लिए तैनात है. न्यूज 24 ने सीआरपीएफ की आईजी से महुआ मोइत्रा के आरोपों पर सवाल पूछा, जिसमें उन्होंने बताया कि कोलकाता में CAPF के वरिष्ठ अधिकारियों सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की बैठक में किसी तरह का सैन्य शैली का टेकओवर नहीं हुआ था, बल्कि यह शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए एक समन्वय बैठक थी.

सीआरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि सांसद का बयान पूरी तरह गलत है. पैरामिलिट्री फोर्स किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए काम करती है. इसका मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है.

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First published on: Apr 23, 2026 04:09 PM

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