दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बीते दिन संसद मार्ग थाना पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था. लेकिन आज उसे औपचारिक रूप से हिरासत में लेकर कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया गया. स्वतंत्र की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई और उसे एक दिन की हिरासत में भेज दिया गया. बीते दिन CJP के विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी थीं और शाम को स्वतंत्र को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पकड़ा गया था.
निशु आजाद के पिता से की थी मारपीट
स्वतंत्र भारद्वाज पर 23 जून को दिल्ली में जंतर मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट करने और उनके सिर में गहरी चोट मारने के आरोप हैं, जिसके चलते उनके सिर में टांके तक लगे थे. हालांकि पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया था, लेकिन मामले में हल्की धाराएं जोड़ने के कारण स्वतंत्र को राहत मिल गई थी, जिसके चलते निशु आजाद के पिता और अन्य परिजनों ने दिल्ली पुलिस पर मामले में सही ढंग से कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था.
हिंदू संगठनों का थाने के बाहर प्रदर्शन
बता दें कि बीते दिन स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था. करीब 3 घंटे के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे में स्वतंत्र की गिरफ्तारी आश्वासन दिया. 12 घंटे के अंदर उसे पकड़ भी लिया था. वहीं आज स्वतंत्र की गिरफ्तारी के विरोध में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिन्होंने दिल्ली पुलिस ने निशु आजाद और उसके पिता के खिलाफ लिखित शिकायत दी है.
मामले में तीनों पक्षों का क्या कहना है?
CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार ने दिल्ली पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर उन पर हमला हुआ था. स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य युवक ने उनके साथ मारपीट की थी और उनके सिर में कड़े से हमला किया था, जिससे उनके सिर में चोट लगी और टांके लगवाने पड़े, लेकिन पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की.
वहीं मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में कहा कि उन्होंने संजय के सिर में चोट मारी थी और उन्हें 60 टांके लगवाने पड़े. लेकिन उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा, बाद में स्वतंत्र ने कहा कि उन्होंने सेल्फ डिफेंस में संजय पर पलटवार किया था. उन्हें संजय कुमार समेत 10 से 15 लोगों ने घेर लिया था और भीड़ उन्हें जान से मार सकती थी.
मामले में दिल्ली पुलिस का कहना है कि 23 जून को संजय कुमार के सिर में कड़ा लगने से चोट लगी थी और खून बहा था. संजय को RML अस्पताल में ले जाया गया था. मेडिको लीगल केस में चोट को नॉर्मल बताया गया है, कोई फ्रैक्चर नहीं हुआ है. स्वतंत्र को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और फिर छोड़ दिया था. लेकिन अब गिरफ्तार कर लिया गया है.