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जस्टिस स्वामीनाथन मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को भेजा नोटिस, मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और चेन्नई पुलिस आयुक्त को नोटिस भेजा. याचिका में आरोप है कि जस्टिस जी आर स्वामीनाथन के खिलाफ सोशल मीडिया और विरोध प्रदर्शन के जरिए अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं. पढ़िए तमिलनाडु से प्रभाकर मिश्रा की रिपोर्ट.

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Edited By : Bhawna Dubey Updated: Jan 28, 2026 16:42

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को नोटिस भेजा है. यह नोटिस उस याचिका पर आया है जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस जी आर स्वामीनाथन के खिलाफ अपमानजनक बातें करने या उनके खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने सरकार से कहा है कि इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दें और यह सुनिश्चित करें कि न्यायपालिका का सम्मान बना रहे.

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और चेन्नई के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है और उनसे पूछा है कि जज जी आर स्वामीनाथन के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां या प्रदर्शन की शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है. कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और न्यायपालिका के सम्मान की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे.

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जस्टिस स्वामीनाथन वही जज हैं जिन्होंने तमिलनाडु के मदुरै में थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित अरुलमिघु सुब्रमण्या स्वामी मंदिर के पारंपरिक दीप स्तम्भ पर दीप जलाने की अनुमति दी थी. यह अनुमति कार्तिकेय महीने की पूर्णिमा पर दी गई थी, ताकि मंदिर में परंपरागत पूजा और धार्मिक रिवाज निभाए जा सकें.

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वकील जीएस मणि की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया है कि इस फैसले के चलते उन्हें सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर, वकीलों के विरोध प्रदर्शन के जरिए टारगेट किया जा रहा है.उनके खिलाफ जाति और धर्म के आधार पर अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही है, जिनका मकसद सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना और न्यायपालिका की गरिमा को कम करना है. राज्य की डीएमके सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को गम्भीर नहीं है.

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First published on: Jan 28, 2026 04:42 PM

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