14 साल की रेप पीड़िता का नहीं होगा गर्भपात; सुप्रीम कोर्ट ने क्यों वापस लिया अपना आदेश?

Minor Girl Abortion : सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को एक मामले में अपना एक आदेश वापस ले लिया। यह फैसला रेप पीड़िता के गर्भपात मामले में सुनाया गया था। सीजेआई ने पीड़िता और डॉक्टरों से बातचीत करने के बाद गर्भपात कराने की अनुमति देना वाला आदेश वापस ले लिया।

Supreme Court

Supreme Court (File Photo)

Supreme Court Verdict On Rape Victim : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 14 साल की रेप पीड़िता के गर्भपात मामले में अपना आदेश वापस ले लिया। अब नाबालिग रेप पीड़िता का गर्भपात नहीं होगा। इसे लेकर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़िता और डॉक्टर से बातचीत की थी। इसके बाद SC ने रेप पीड़िता को गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति देने वाला अपना पिछला फैसला वापस ले लिया।

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सुप्रीम कोर्ट ने पहले पीड़िता के 29 हफ्ते के गर्भ को हटाने की अनुमति दी थी। अदालत ने कहा था कि अगर पीड़िता इस गर्भ को रखेगी तो उसे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इससे पीड़िता के स्वास्थ्य और मन पर बुरा असर पड़ेगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़िता की मां और मुंबई के सायन अस्पताल के डॉक्टरों से वार्ता की।

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सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वापस लिया आदेश

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पीड़िता की मां और डॉक्टरों का पक्ष सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने पहले वाले आदेश को वापस ले लिया, जिसमें रेप पीड़िता को गर्भपात कराने की इजाजत मिली थी। SC द्वारा फैसले वापस लेने के बाद अब 14 साल की रेप पीड़िता का गर्भपात नहीं होगा।

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HC ने नहीं दी थी गर्भपात कराने की इजाजत

आपको बता दें कि इससे पहले हाई कोर्ट ने गर्भपात कराने की इजाजत देने से मना कर दिया था। HC ने कहा कि गर्भवती हुए काफी दिन हो गया है। ऐसे में इसे हटाने की परमिशन नहीं दी जा सकती है। इसके बाद पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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