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Inside Story: अलर्ट होटल स्टाफ, चालाक टैक्सी ड्राइवर…बेटे की ‘कातिल’ Suchana Seth कैसे जेल तक पहुंची?

Suchana Seth Son Murder Case Inside Story: होटल स्टाफ की सतर्कता और टैक्सी ड्राइवर की सूझबूझ ने 'कातिल' मां सूचना सेठ को सलाखों के पीछे पहुंचाया। पढ़ें मर्डर का राज खुलने से सूचना के जेल पहुंचने तक की कहानी...

Suchana Seth Son Murder Case Inside Story: गोवा के होटल में बच्चे की हत्या मामले की जांच कर रही पुलिस ने एक दावा किया है। पुलिस के अनुसार, सुराग मिला है कि सूचना सेठ ने बेटे को होटल में नहीं, बल्कि सर्विट अपार्टमेंट में मारा।  6 से 8 जनवरी तक सूचना गोवा में रुकी और कैंडोलिम के एक सर्विस अपार्टमेंट में उसने कमरा बुक कराया था।

दूसरी ओर बेंगलुरु से गोव ले जाकर होटल के कमरे में 4 साल के बेटे का कत्ल करना और फिर उसकी लाश को बैग में डालकर बेंगलुरु ले जाने की कोशिश करना, कितनी होशियारी से सूचना सेठ ने अपना जुर्म छिपाने की कोशिश की, लेकिन होटल स्टाफ की सतर्कता और चालाक टैक्सी ड्राइवर ने ‘कातिल’ मां को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, जानिए कैसे़?

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होटल स्टाफ ने खून के धब्बे देखे

पुलिस के अनुसार, कैलंगुट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर परेश नाइक के अनुसार, कैंडोलिम के होटल सोल बनयान ग्रांडे के होटल स्टाफ ने हत्यारोपी को पकड़वाने में काफी सतर्कता बरती। बेटा साथ नहीं होने और टैक्सी में बेंगलुरु तक जाने की जिद से उन्हें सूचना सेठ पर सूचना पर शक हुआ। हालांकि सूचना चली गई, लेकिन अनहोनी के शक से कमरा नंबर 404 चेक किया तो खून के धब्बे मिले, जिसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को दी। यहीं से मामले का खुलासा होने लगा।

ड्राइवर चालाकी से थाने ले गया टैक्सी

दूसरी ओर, टैक्सी ड्राइवर रेजॉन डिसूजा ने पुलिस को बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एथिक्स एक्सपर्ट, डेटा साइंटिस्ट और स्टार्टअप कंपनी माइंडफुल AI लैब की फाउंडर और CEO सूचना सेठ बिना किसी शक के पुलिस स्टेशन ले जाने में कामयाब रहा, क्योंकि एक तो वह पुलिस से कोंकणी में बात कर रहा था, सूचना को कोंकणी नहीं आती। बेंगलुरु के रास्ते में 4 घंटे का ट्रैफिक जाम था। ऊपर से जल्दी वॉशरूम जाने का बहाने का बनाकर वह टैक्सी को थाने में ले गया।

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रास्ते में 4 से 6 घंटे ट्रैफिक जाम लगा रहा 

रेजॉन के अनुसार, 7 जनवरी की रात करीब 11 बजे उन्हें होटल से फोन आया कि सूचना सेठ को बेंगलुरु जाना है। साढ़े 12 बजे होटल आने को कहा गया और 30 हजार रुपये किराया फाइनल हुआ। सूचना सेठ अकेली थी, साथ में लाल रंग का सूटकेस था, जो काफी भारी था। करीब 2 बजे गोवा-कर्नाटक सीमा पर चोरला घाट के पस ट्रक पलटने से जाम लगा था, जो 4 से 6 घंटे तक लगा रहा। इस बीच सूचना जल्दी जाने का कहते हुए दूसरा रास्ता लेने की जिद करती रही, लेकिन वह वाया रोड ही बेंगलुरु जाना चाहती थी, चाहे जितना समय लगे।

कोंकणी में बात करते इंस्पेक्टर ने कहानी बताई

रेजॉन ने कहा कि यह जवाब अजीब लगा, लेकिन मुझे तो किराये से मतलब था। सुबह करीब 11 बजे कैलंगुट पुलिस इंस्पेक्टर का फोन आया, जिन्होंने कोंकणी में बात करते हुए पूछा कि सूचना के साथ बेटा भी है क्या? कोंकणी में बात करते-करते इंस्पेक्टर ने सारी बात बताई। सूचना से बात कराने को कहा तो मैंने उसे फोन दे दिया। कुछ मिनट बात करने के बाद वह इंस्पेक्टर ने मुझसे कहा कि सूचना को किसी तरह नजदीकी थाने में ले आओ।

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गूगल पर सर्च किया नजदीकी पुलिस स्टेशन

रेजॉन के अनुसार, कर्नाटक में कन्नड़ भाषा में बोर्ड लगे थे, जो उसे नहीं आती थी। इसलिए उसने गूगल पर नजदीकी पुलिस स्टेशन सर्च किया तो ऐमंगला पुलिस स्टेशन 500 मीटर की दूरी पर मिला। फिर वह इमरजेंसी वॉशरूम जाने के बहाने उसे थाने ले गया। गोवा पुलिस को फोन किया और कॉल पर स्टैंडबाय पर रखकर सर्विस रोड होते हुए थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने सूचना को हिरासत में ले लिया और जब बैग खोला गया तो उसके भी होश उड़ गए। सोचा नहीं था कि ऐसा हो सकता है।

First published on: Jan 11, 2024 07:48 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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