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अनशन तोड़ने के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर क्या बोले सोनम वांगचुक? भूख हड़ताल खत्म करने की वजह भी बताई

Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है. क्योंकि केंद्र सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया और उनकी शर्तें मान ली. वहीं अनशन खत्म करने के बाद एक वीडियो जारी करके सोनम ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी बड़ा बयान दिया.

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सोनम वांगचुक को लिखित में दिया आश्वासन पढ़कर सुनाते जेपी नड्डा.

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के तहत भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है. 28 जून से 23 जुलाई तक वे अनशन पर रहे, लेकिन अनशन के 27वें दिन बीती रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उन्होंने अनशन तोड़ा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने देररात करीब 12.30 बजे अस्पताल जाकर जूस पिलाकर सोनम का अनशन खत्म कराया. साथ ही प्रधानमंत्री मोदी उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की.

मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर दिया ये बयान

वहीं अनशन तोड़ने की वजह केंद्र सरकार से लंबी बातचीत, कुछ शर्तों पर सहमति और लिखित आश्वासन रहा. लेकिन बावजूद इसके सोनम वांगचुक कहते हैं कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए था, उनका और सरकार का ही भला होता. सोनम ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो इससे न मेरा नुकसान होगा और न ही छात्रों का नुकसान होगा, लेकिन छात्रों को मुद्दे को न उठकार वे अपना और सरकार का नुकसान करा रहे, इस्तीफा दे देना चाहिए था.

लिखित आश्वासन मिलने पर तोड़ा अनशन

सोनम वांगचुक ने कहा कि देशभर के कई राजनीतिक दलों के 60 से ज्यादा सांसदों ने उनसे अनशन खत्म करने की गुजारिश की थी. देश की गई जानी-मानी हस्तियों ने भी उनसे अनशन तोड़ने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की अपील की थी. इस बीच केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत हुई और केंद्र सरकार ने उनकी शर्तें मानकर लिखित आश्वासन दिया. साथ ही CJP के विरोध प्रदर्शन में हिंसा होने की आशंका के मद्देनजर अनशन तोड़ने का फैसला किया.

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इन 3 बातों का लिखित आश्वासन मिला

लेह एपेक्स बॉडी के सह-संयोजक शेरिंग दोरजे लकरुक ने बताया कि केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक को 3 लिखित आश्वासन दिए. एक यह कि केंद्र सरकार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और 20 मार्च को संसद मार्च में शामिल छात्रों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज नहीं करेगी. दूसरा यह कि नीट पेपर लीक के बाद जिन छात्रों ने सुसाइड की, उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा. तीसरा यह कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी होने पर जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार संसद में बहस कराएगी. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभी किसी तरह का आश्वासन केंद्र सरकार की ओर नहीं दिया गया है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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