Shanti bhushan: पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण का 97 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया है। दिल्ली में अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह काफी दिनों से बीमार थे। वह साल 1977 से 1979 तक भारत के कानून मंत्री रहे थे। 11 नवंबर 1925 में उनका जन्म हुआ था।
इसलिए रहे चर्चित
अपनी एनजीओ Centre for Public Interest Litigation के माध्यम से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में देशहित से जुड़ीं कई याचिकाएं दायर की थीं। 2018 में शांति भूषण ने मास्टर ऑफ रोस्टर में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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यह रहा राजनीतिक सफर
वकील प्रशांत भूषण उनके बेटे हैं। शांति भूषण पहले कांग्रेस (ओ) पार्टी फिर जनता पार्टी में भी रहे थे। 14 जुलाई 1977 से दो अप्रैल 1980 तक वह राज्यसभा के सदस्य भी रहे। 1980 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। 1986 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दिया। शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण अन्ना आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे।
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Shanti bhushan: पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण का 97 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया है। दिल्ली में अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह काफी दिनों से बीमार थे। वह साल 1977 से 1979 तक भारत के कानून मंत्री रहे थे। 11 नवंबर 1925 में उनका जन्म हुआ था।
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अपनी एनजीओ Centre for Public Interest Litigation के माध्यम से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में देशहित से जुड़ीं कई याचिकाएं दायर की थीं। 2018 में शांति भूषण ने मास्टर ऑफ रोस्टर में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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