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‘संचार साथी’ ऐप पर क्यों छिड़ा संग्राम? केंद्र सरकार के आदेश पर सवाल उठा रहा विपक्ष, पढ़ें किसने-क्या कहा

Sanchar Saathi APP Controversy: SIR के बाद विपक्ष मोबाइल ऐप संचार साथी के खिलाफ एकजुट हो गया है. विपक्ष ने ऐप को प्राइवेसी का उल्लंघन बताते हुए सवाल उठाए हैं और कहा है कि कंपनियों के लिए मोबाइल हैंडसेट में ऐप को प्री-इंस्टॉल करने का दूरसंचार विभाग का आदेश हास्यास्पद और निदंनीय है.

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Sanchar Saathi App Controversy: केंद्र सरकार ने सभी कंपनियों को मोबाइल हैंडसेट में संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल करने का आदेश दिया है, लेकिन इस आदेश के बाद मोबाइल ऐप को लेकर संग्राम छिड़ गया है. विपक्ष ने मोबाइल ऐप को प्राइवेसी उल्ल्ंघन बताकर केंद्र सरकार को घेरा है. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संचार साथी ऐप को एक जासूसी ऐप, हास्यास्पद और निजता के अधिकार का हनन बताया और दूरसंचार विभाग के आदेश की निंदा की है.

देश को नॉर्थ कोरिया बनाने का आरोप

वहीं कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने इसे नागरिकों के मौलिक अधिकार का घोर अपमान बताया. मोबाइल हैंडसेट में ऐप की प्री-इंस्टॉलेशन से यूजर्स के पर्सलन डेटा पर सरकारी निगरानी बढ़ जाएगी. वहीं उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि केंद्र सरकार देश को नॉर्थ कोरिया बनाने पर तुली है. सरकार लोगों के बेडरूम में प्रवेश करना चाहती है, लेकिन सरकार के फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे और जरूरत पड़ी तो नेशनल लेवल पर विरोध प्रदर्शन करेंगे.

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ऐप के विरोध में ये बोलीं प्रियंका गांधी

संचार साथी ऐप का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि लोगों को निजता का अधिकार प्राप्त है. परिवार के सदस्यों और दोस्तों को प्राइवेट मैसेज भेजने का हक है, लेकिन सरकार इस पर नजर रखना चाहती है. केंद्र सरकार तानाशाही पर उतर आई है. संसद इसलिए नहीं चल रही है] क्योंकि सरकार किसी भी विषय पर बात करने से इनकार कर रही है. विपक्ष को दोष देना बहुत आसान है, लेकिन सच यह है कि केंद्र सरकार किसी भी विषय पर चर्चा नहीं होने दे रही है.

लोकतंत्र जनता से जुड़े मुद्दे SIR पर चर्चा की मांग करता है. धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाया जा सकता है, लेकिन देश के नागरिक अपने फोन में क्या कर रहे हैं, यह देखना उससे अलग बात है. साइबर सुरक्षा पर भी विस्तार से चर्चा की जरूरत है. साइबर सुरक्षा की आवश्यकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इससे सरकार को लोगों के पर्सलन स्पेस में जाने का बहाना दे देता है. मुझे नहीं लगता कि इस संचार साथी ऐप से कोई भी नागरिक खुश होगा.

First published on: Dec 02, 2025 11:00 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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