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Sabse Bada Sawal: आम आदमी पर कानून की सख्ती और बड़े कर्जदार से समझौते की पेशकश क्यों?

Sabse Bada Sawal, 14 June 2023: नमस्कार, मैं हूं संदीप चौधरी। आज सबसे बड़ा सवाल में मैं बात करने वाला हूं कर्ज की, बैंक की और समझौते ही। आम जिंदगी और खास जिंदगी की। यदि कोई किसान कर्ज ले तो बैंक अदायगी न होने पर उसकी जमीन कुर्क कर लेता है। लेकिन ये आम जिंदगी है। अब […]

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Sabse Bada Sawal, 14 June 2023: नमस्कार, मैं हूं संदीप चौधरी। आज सबसे बड़ा सवाल में मैं बात करने वाला हूं कर्ज की, बैंक की और समझौते ही। आम जिंदगी और खास जिंदगी की। यदि कोई किसान कर्ज ले तो बैंक अदायगी न होने पर उसकी जमीन कुर्क कर लेता है। लेकिन ये आम जिंदगी है। अब खास जिंदगी की बात करता हूं। फर्ज कीजिए कि कर्जदारी 92,570 करोड़ रुपए की। देश के 50 टॉप कर्जदारों के पास ये रुपए हैं। लेकिन जानबूझकर लौटाए नहीं जा रहे हैं। ये कर्ज बैंकों ने दिए, जो हमारे और आपके रुपए हैं।

इन कर्जदारों को सख्त से सख्त सजा देने के बजाय आरबीआई ने 8 जून को एक फ्रेमवर्क बनाया। उसे जारी कर दिया। ये खाका विलफुल डिफॉल्टर के संबंध में था। निपटारा समझौते के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। तो आज का सबसे बड़ा सवाल है कि कर्ज लो…मत दो…समझौता कर लो! आम आदमी की लानत-मलानत…बड़े कर्जदार सलामत? देखें सबसे बड़ी बहस…

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First published on: Jun 15, 2023 03:20 PM

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