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भारतीय शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च सम्मान, दो शहीदों को डैग हैमरस्क्योल्ड मेडल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की मेजर अभिलाषा जो वर्तमान में लेबनान में तैनात है इन्हें 2025 मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. आपको बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े और प्रमुख शांति रक्षक दल भेजने वाले देशों में से एक है.

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संयुक्त राष्ट्र के झंडे के नीचे सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस के मौके पर एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संयुक्त राष्ट्र ने कर्तव्य की पंक्ति में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले दो भारतीय सैनिकों लांस हवलदार हरभजन सिंह और नाईब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान को मरणोपरांत प्रतिष्ठित डैग हैमरस्कजॉल्ड मेडल’ से सम्मानित करने की घोषणा की गई.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की मेजर अभिलाषा जो वर्तमान में लेबनान में तैनात है इन्हें 2025 मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. आपको बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े और प्रमुख शांति रक्षक दल भेजने वाले देशों में से एक है. वैश्विक शांति में भारत की भूमिका का सम्मान करते हुए, न्यूज़ 24 को मिली जानकारी के मुताबिक अब तक 180 से अधिक भारतीय शांति सैनिक शहीद हो चुके हैं.

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डैग हैमरस्क्योल्ड मेडल क्या है


डैग हैमरस्क्योल्ड मेडल संयुक्त राष्ट्र द्वारा उन सैन्य, पुलिस और नागरिक कर्मियों को मरणोपरांत दिया जाता है, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सेवा के दौरान अपने प्राण गंवाए हों. इस पदक का नाम संयुक्त राष्ट्र के दूसरे महासचिव Dag Hammarskjöld के नाम पर रखा गया है, जिनकी साल 1961 में वर्तमान जाम्बिया में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. यह पुरस्कार शांति स्थापना में सर्वोच्च बलिदान देने वाले कर्मियों की स्मृति को सम्मानित करता है.

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First published on: May 29, 2026 11:42 PM

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