Sabse Bada Sawal, 03 August 2023: अब लोगों को आटे-दाल के साथ टमाटर के भाव भी पता चल गए हैं। 250 रुपए किलो टमाटर बिक रहा है। कुछ दिन पहले तक क्या आप सोच सकते थे कि जिस रसोई में बिना टमाटर के कोई सब्जी बन सकती है? क्या टमाटर के लिए कत्ल हो सकता है? बिलकुल भी नहीं।
मई में टमाटर 10 रुपए किलो बिक रहा था। जून में 90 से 120 रुपए प्रति किलो दाम हो गया। अब तो ठेलेवाले पाव भर का दाम बताता है। दिन भर में कोई इक्का-दुक्का ही किलो भर टमाटर खरीदने पहुंचता है। बता दूं कि इकलौता टमाटर ही नहीं है। अन्य सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। बींस 150 से 160 रुपए किलो बिक रही है। धनिया 200 से 300 रुपए प्रति किलो बिक रही है। हरी मिर्च 200 से 250 रुपए बिक रही है। 7 साल में पेट्रोल और डीजल के दाम दोगुना हो चुके हैं। रसोई गैस 410 से 1100 रुपए हो चुका है। आटा 2014 में 21 रुपए प्रति किलो मिलता था, लेकिन अब 45 रुपए हो चुका है।
आज हम इस पर बिल्कुल बात नहीं करेंगे कि महंगाई क्या कहती है, ग्रोथ रेट क्या कहता है? हम आम आदमी की बात करेंगे। उसके पेट में अनाज कैसे जाएगा? 1998 में दिल्ली में बीजेपी की सरकार थी। तीन-तीन मुख्यमंत्रियों की विदाई महंगाई के चलते हुई थी। हम दंभ भरते हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। लेकिन क्या आम आदमी को दो जून की रोटी मिल रही है? उसे महंगाई की दर से कोई मतलब नहीं है। विश्व हंगर इंडेक्स में 121 देशों की सूची में 107वें नंबर पर हैं। साल दर साल हम इस इंडेक्स में नीचे खिसक रहे हैं। आज का सबसे बड़ा सवाल यही है कि बहुत हुई महंगाई की मार, कुछ तो करिए 'सरकार', टमाटर दिखा रहा आंखें, हुजूर जरा इधर भी झांकें!
आज पैनल में एंकर गरिमा सिंह के साथ भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह, शेतकारी संगठन के वरिष्ठ नेता अनिल धनवत, राजनीतिक एक्सपर्ट सुकेश रंजन शामिल हैं। तो देखिए सबसे बड़ी बहस।
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यह भी पढ़ें: Thane Viral Video: एनसीसी कैडेट्स को सीनियर ने लाठी से पीटा, VIDEO देख कांप उठे लोग
Sabse Bada Sawal, 03 August 2023: अब लोगों को आटे-दाल के साथ टमाटर के भाव भी पता चल गए हैं। 250 रुपए किलो टमाटर बिक रहा है। कुछ दिन पहले तक क्या आप सोच सकते थे कि जिस रसोई में बिना टमाटर के कोई सब्जी बन सकती है? क्या टमाटर के लिए कत्ल हो सकता है? बिलकुल भी नहीं।
मई में टमाटर 10 रुपए किलो बिक रहा था। जून में 90 से 120 रुपए प्रति किलो दाम हो गया। अब तो ठेलेवाले पाव भर का दाम बताता है। दिन भर में कोई इक्का-दुक्का ही किलो भर टमाटर खरीदने पहुंचता है। बता दूं कि इकलौता टमाटर ही नहीं है। अन्य सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। बींस 150 से 160 रुपए किलो बिक रही है। धनिया 200 से 300 रुपए प्रति किलो बिक रही है। हरी मिर्च 200 से 250 रुपए बिक रही है। 7 साल में पेट्रोल और डीजल के दाम दोगुना हो चुके हैं। रसोई गैस 410 से 1100 रुपए हो चुका है। आटा 2014 में 21 रुपए प्रति किलो मिलता था, लेकिन अब 45 रुपए हो चुका है।
आज हम इस पर बिल्कुल बात नहीं करेंगे कि महंगाई क्या कहती है, ग्रोथ रेट क्या कहता है? हम आम आदमी की बात करेंगे। उसके पेट में अनाज कैसे जाएगा? 1998 में दिल्ली में बीजेपी की सरकार थी। तीन-तीन मुख्यमंत्रियों की विदाई महंगाई के चलते हुई थी। हम दंभ भरते हैं कि हमारी अर्थव्यवस्था पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। लेकिन क्या आम आदमी को दो जून की रोटी मिल रही है? उसे महंगाई की दर से कोई मतलब नहीं है। विश्व हंगर इंडेक्स में 121 देशों की सूची में 107वें नंबर पर हैं। साल दर साल हम इस इंडेक्स में नीचे खिसक रहे हैं। आज का सबसे बड़ा सवाल यही है कि बहुत हुई महंगाई की मार, कुछ तो करिए ‘सरकार’, टमाटर दिखा रहा आंखें, हुजूर जरा इधर भी झांकें!
आज पैनल में एंकर गरिमा सिंह के साथ भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह, शेतकारी संगठन के वरिष्ठ नेता अनिल धनवत, राजनीतिक एक्सपर्ट सुकेश रंजन शामिल हैं। तो देखिए सबसे बड़ी बहस।
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