भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को कई बड़े अपडेट दिए. IMD ने ये भी बताया कि इस साल 1901 के बाद से अब तक का सबसे गर्म अगस्त का महीना दर्ज किया गया. विभाग ने सितंबर महीने के लिए पूर्वानुमान में बताया कि इस बार पूरे देश में औसत से कम बारिश होने की उम्मीद है. IMD का कहना है कि सितंबर में बारिश 91 प्रतिशत से कम हो सकती है. साथ ही तापमान भी नॉर्मल से कहीं ज्यादा रह सकता है.
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125 साल का रिकॉर्ड टूटा
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि 2026 के अगस्त महीने के औसत और न्यूनतम तापमान ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया. 1901 के बाद इस साल का अगस्त महीना सबसे ज्यादा गर्म रहा. इस महीने औसत तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस सामान्य औसत तापमान 27.34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. IMD ने बताया कि अगस्त में 213.3 mm बारिश हुई, जोकि नॉर्मल से काफी कम है. 2001 के बाद से ये सातवीं सबसे कम बारिश थी.
क्या है वजह?
IMD चीफ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि मॉनसून की धीमी रफ्तार और बढ़ती गर्मी की सबसे बड़ी बजह है भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में पैदा हुआ अल नीनो, जिसका असर काफी मजबूत है. केंद्रीय और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान (SST) नॉर्मल से काफी ज्यादा है. अनुमान है कि आने वाले महीनों में अल नीनो का असर और ज्यादा मजबूत हो सकता है. दरअसल, अल नीनो प्रशांत महासागर में बनने वाला एक प्राकृतिक चक्र होता है. सामान्य दिनों में समुद्र के ऊपर चलने वाली हवाएं गर्म पानी को पश्चिमी प्रशांत यानी इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की तरफ धकेलती हैं. लेकिन जब ये हवाएं खुद से ही कमजोर हो जाती हैं तो वही गर्म पानी वापस महासागर के बीच और पूर्वी हिस्से में फैल जाता है. इससे समुद्र का तापमान भी बढ़ जाता है.
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