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Rameshwaram Cafe Blast: ब्लास्ट के बाद सामने आया कैफे के नए रूप का वीडियो, NIA की जांच में पहली बार आया यह नाम

Bangalore blast update: शुक्रवार को कैफे में पूजा-अर्चना की गई। NIA ने इस मामले में तेलंगाना से एक शख्स को गिरफ्तार किया है, खुफिया एजेंसी को इस मामले में पीएफआई पर शक है। 1 मार्च को ब्रुकफील्ड के रामेश्वरम कैफे में जोरदार विस्फोट हुआ था, जिसमें करीब 10 लोग घायल हुए थे।

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Bangalore blast update: बेंगलुरु का रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट के बाद 9 मार्च से आम लोगों के लिए फिर से खुलने जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो सामने आए हैं। नेटिजंस इन्हें लाइक और शेयर कर प्रबंधकों का हौसला बढ़ते दिख रहे हैं। इसके अलावा मामले की जांच NIA को सौंपे जाने के बाद शुक्रवार को केस में पहली बार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर शक की सुई गहराई है। बता दें पीएफआई एक प्रतिबंधित संगठन है। जिसके कथित सदस्य दिल्ली दंगों समेत अन्य कई मामलों में लिप्त रहे हैं।

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रेनोवेशन के बाद सुंदर बनाया गया

घटना के आठ दिन बाद कैफे खुलने जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को कैफे में पूजा-अर्चना की गई। महाशिवरात्रि के दिन उसे फूल मालाओं से किसी दुल्हन की तरह सजाया गया था। जानकारी के अनुसार धमाके में कैफे का काफी नुकसान हुआ था। अब रेनोवेशन का काम पूरा हो गया है, जिसके बाद कल (9 मार्च) से उसे दोबारा से लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। बता दें कि 1 मार्च को ब्रुकफील्ड के रामेश्वरम कैफे में जोरदार विस्फोट हुआ था। जिसमें करीब 10 लोग घायल हुए थे।

खुफिया एजेंसी को पीएफआई पर शक

NIA को शक है कि ब्लास्ट में पीएफआई का हाथ है। खुफिया एजेंसी ने इस मामले में तेलंगाना से अब्दुल सलीम को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि सलीम पीएफआई का स्लीपर सेल का मेंबर है। जांच एजेंसी अब उससे पूछताछ कर मामले के तार जोड़ रही है। बता दें इससे पहले एजेंसी ने एक संदिग्ध आरोपी का फोटो जारी कर उस पर 10 लाख का इनाम घोषित किया था।

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ये भी पढ़ें: Rameshwaram Cafe Blast: कैफे में विस्फोटक रखने वाले का सुराग दें, 10 लाख इनाम पाएं

लगा था बैन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट (SIMI) पर बैन के बाद देश में पीएफआई तेजी के साथ बढ़ा था। बताया जाता है कि साउथ के नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, मनिथा नीति पसराई और कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी इन तीन संगठनों को मिलाकर 17 फरवरी 2007 को पीएफआई बनाया गया था। इसके बाद पीएफआई पर देश विरोधी काम करने के आरोप लगे, जिसके बाद मार्च 2018 में केंद्र सरकार ने इस पर बैन लगाया था।

First published on: Mar 08, 2024 05:36 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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