Election Commission Special Marker Pen: राज्यसभा चुनाव, राष्ट्रपति चुनाव और विधान परिषद (MLC) चुनाव में वोटिंग के लिए एक विशेष पेन का इस्तेमाल होता है। क्योंकि इन तीनों चुनाव में बैलेट पेपर के जरिए वोटिंग होती है, इसलिए उस पेपर पर वोट मार्क करने के लिए वोटर्स को चुनाव आयोग की तरफ से बैंगनी रंग का मार्कर पेन दिया जाता है। इस पेन के अलावा किसी और पेन को इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होती। यह पेन पीठासीन अधिकारी उपलब्ध कराता है और उसे ही वापस देना होता है।
Explainer: राज्यसभा चुनाव कैसे होता है, कौन करता है वोटिंग, किस फॉर्मूले से तय होती है जीत?
बैंगनी रंग का मार्कर पेन की क्यों?
राज्यसभा चुनाव में बैलेट पेपर से वोटिंग होती है और वरीयता के आधार पर वोटिंग की जाती है। विधायकों को बैलेट पेपर पर अंकित उम्मीदवारों के नामों में से अपनी पसंद के नाम के आगे 1, 2, 3… लिखना होता है। इस वोटिंग सिस्टम को ओपन बैलेट वोटिंग सिस्टम कहते हैं। बैलेट पेपर पर पसंदीदा उम्मीदवार को वरीयता नंबर देने के बाद विधायकों को अपना बैलेट पेपर अपनी पार्टी के द्वारा अधिकृत एजेंट को ही दिखाना होता है और यह अनिवार्य होता है। इस पेन को इस्तेमाल करने का मकसद वोट को गुप्त-वैध रखना है।
बैंगनी रंग के मार्कर की खासियत
बैंगनी रंग के मार्कर पेन की खासियत यह है कि इसकी स्याही आसानी से मिटती नहीं है और आसानी से खराब भी नहीं होती है। लंबे समय तक टिकी रहती है और एक पेन से करीब 1000 बार वोट करना संभव है। इस पेन को कर्नाटक की मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड (Mysore Paints and Varnish Ltd) कंपनी बनाती है। सरकार इस कंपनी की मालकिन है। इस कंपनी की स्थापना 1937 में मैसूर के तत्कालीन महाराजा नलवाड़ी कृष्णराजा वोडेयार ने की थी। 1962 से यह कंपनी वोटर्स की उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही उपलब्ध करा रही है।
वोट कब रद्द-अमान्य माना जाएगा?
राज्यसभा चुनाव में डाला गया वोट रद्द या अमान्य भी माना जा सकता है। जैसे अगर बैलेट पेपर पर पसंदीदा उम्मीदवार के नाम के आगे 1,2,3… के अलावा कुछ और लिखेंगे तो वोट रद्द माना जाएगा। अगर नंबर बॉक्स से बाहर हो गया तो वोट रद्द माना जाएगा। अगर बैलेट पेपर फोल्ड करने से पहले पार्टी के अधिकृत एजेंट को नहीं दिखाया तो वोट रद्द माना जाएगा। एजेंट की बजाय किसी और को बैलेट पेपर दिखाया तो वोट रद्द माना जाएगा। बैंगनी रंग के मार्कर के अलावा किसी और कलर के पेन या पेंसिल का इस्तेमाल किया तो वोट रद्द माना जाएगा। बैलेट पेपर को गलत तरीके से मोड़ने या खराब करने से भी वोट रद्द माना जाएगा।










