NEET पेपर लीक के बाद विपक्षी दलों के पास बड़ा मुद्दा E20 एथेनॉल पेट्रोल है, जिसके खिलाफ आज से डबल मोर्चाबंदी होने जा रही है. आज आम आदमी पार्टी (AAP) के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवल दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में नेशनल टाउनहॉल करेंगे. वहीं सोशल एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला मौन मार्च और भूख हड़ताल शुरू करेंगे. दोनों अभियानों में देश की कई मशहूर हस्तियों के शामिल होने की बात कही जा रही है. वहीं अगर इन दोनों आंदोलनों से देशभर के लोग जुड़े तो CJP के प्रोटेस्ट की तरह यह देशव्यापी आंदोलन बन सकता है और सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है.
केजरीवाल ने जारी किया एक व्हाट्सऐप नंबर
बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेशनल टाउनहॉल का ऐलान किया और इससे ऑनलाइन जुड़ने के लिए एक व्हाट्सऐप नंबर जारी किया. केजरीवाल ने पोस्ट में लिखा कि 1 अगस्त 2026 को E20 फ्यूल के खिलाफ दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में नेशनल टाउनहॉल होगा, जिसमें देश की एक जानी-मानी हस्ती भी मेरे साथ नजर आएगी. टाउनहॉल में लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और E20 पर आगे का फैसला किया जाएगा. आप भी अपने विचार शेयर कर सकते हैं और नेशनल टाउनहॉल से घर बैठे व्हाट्सऐप पर ऑनलाइन कनेक्ट हो सकते हैं.
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में की थी टाउनहॉल की घोषणा
अरविंद केजरीवाल ने गत 27 जुलाई को आम आदमी पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. इसमें उन्होंने टाउनहॉल की घोषणा की और अपने अभियान को कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जोड़ा. केजरीवाल ने कहा कि जिस तरह धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ देशभर के नौजवान एकजुट हुए, उसी तरह आम आदमी पार्टी के टाउनहॉल कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल होंगे. जो लोग दिल्ली आकर इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे, वे टाउनहॉल से ऑनलाइन जुड़ पाएंगे तो आइए एक बार फिर देश की भ्रष्ट सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन करें और उसे झुकने के लिए मजबूर करें.
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तहसीन का पुलिस और सरकार को चैलेंज
बता दें कि तहसीन पूनावाला ने भी अपनी भूख हड़ताल को लेकर एक्स पोस्ट लिखी. इसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस और सरकार को चैलेंज किया. उन्होंने लिखा कि कोई कानून नहीं, लिखित में कुछ भी नहीं, लेकिन मुझसे कहा गया है कि मैं 'मौन व्रत' नहीं रख सकता और न ही भूख हड़ताल पर बैठ सकता हूं. लगता है नीट पेपर लीक की तरह इथेनॉल फ्यूल भी सरकार को डरा सकता है तो देखते हैं कि आज मुझे मौन मार्च और भूख हड़ताल पर बैठने से रोकने के लिए कितने पुलिसकर्मी भेजे जाते हैं! मेरी खामोशी ज्यादा जोरदार होगी! जिसे तोड़ने के लिए सरकार-पुलिस को कुछ अलग सोचना होगा.
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