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76th National Constitution Day: देशभर में बुधवार को 76वां राष्ट्रीय संविधान दिवस बड़े सम्मान और गरिमा के साथ मनाया गया. संविधान दिवस 2025 के अवसर पर पुरानी संसद भवन में राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसका आयोजन संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में हुआ. यह स्थान ऐतिहासिक रूप से विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहीं देश के संविधान की रूपरेखा तय की गई थी. कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की. उनके साथ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष, कई केंद्रीय मंत्री और दोनों सदनों के कई सांसद भी उपस्थित रहे. समारोह में संविधान के निर्माण, उसके मूल्यों और लोकतांत्रिक ढांचे को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया. इस अवसर पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी सदस्यों के योगदान को याद किया गया. जिन्होंने देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया. कार्यक्रम में नागरिकों को संविधान के प्रति जागरूक करने और इसके मूल्यों को जीवन में उतारने का संदेश दिया गया.
76वां राष्ट्रीय संविधान दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ‘आज के दिन 26 नवंबर 1949 में संविधान सभा के सदस्यों ने भारत संविधान के निर्माण का कार्य संपन्न किया था. आज के दिन उस पर हम भारत के लोगों ने अपने संविधान को अपनाया था. स्वाधीनता के बाद संविधान सभा ने भारत की अंतरिम संसद के रूप में भी कर्तव्य का निर्वाहन किया. बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर हमारे संविधान के प्रमुख निर्माता में से थे. बाबा साहब के 125 वीं जयंती के वर्ष में यानी 26 नवंबर 2015 में प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया. ये निर्णय अत्यंत सार्थक निर्णय लिया गया.’ इस दौरान उन्होंने सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाए दी और संविधान की शपथ दिलाई. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम जल्द ही हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेंगे. इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया समेत नौ भाषाओं में संविधान का ट्रांसलेटेड वर्शन जारी किया.
राष्ट्रीय संविधान दिवस पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि ‘हमारे संविधान का ड्राफ्ट, बहस और उसे भारत माता के हमारे महान नेताओं ने संविधान सभा में अपनाया. यह आज़ादी के लिए लड़ने वाले हमारे लाखों देशवासियों की मिली-जुली समझ, त्याग और सपनों को दिखाता है. महान विद्वानों, ड्राफ्टिंग कमिटी और संविधान सभा के सदस्यों ने करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गहरी सोच दी. उनके बिना किसी स्वार्थ के योगदान ने भारत को आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया है. हमारा संविधान समझ और अनुभव, त्याग, उम्मीदों और आकांक्षाओं से बना है. हमारे संविधान की आत्मा ने साबित कर दिया है कि भारत एक है और हमेशा एक रहेगा.’
राष्ट्रीय संविधान दिवस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि ‘सभी देशवासियों को बधाई और शुमकामनाएं. इस पावन अवसर पर आज भारत विधानसभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद, संविधान के शिल्पकार बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी और संविधान सभा के सभी मान्य सदस्यों को आदरपूर्वक नमन करता हूं. उनके अद्भुत ज्ञान, वेग, दूरदृष्टि और अथक परिश्रम से ऐसा महान संविधान मिला है. जो हमें न्याय, समानता, हर नागरिक के सम्मान और गरिमा की गारंटी देता है. इस अवसर पर पधारे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, पीएम, राज्यसभा में सदन के नेता, संसदीय कार्य मंत्री, राज्यसभा में सदन के प्रतिपक्ष नेता , लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष…सभी दल के नेता का यहां पर मैं स्वागत करता हूं.’
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