हवा-पानी में घुला जहर… प्रदूषण से कैसे निपटेगी सरकार? ऑपरेशन के लिए 'बजट' का प्लान तैयार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हवा प्रदूषण पर संसदीय चर्चा की मांग की है और संघ बजट 2026-27 में इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त फंड आवंटित करने की अपील की.

air pollution
विज्ञापन

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश किया, जिसमें कई अहम घोषणाएं की गई हैं. इस बार के बजट में सरकार ने प्रदूषण से निपटने को भी प्रमुखता दी है. आर्थिक मामलों के विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि केंद्र सरकार प्रदूषण को प्रमुख प्राथमिकता मान रही है और हवा और पानी के प्रदूषण से निपटने के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं. उन्होंने बताया कि प्रदूषण सरकार की प्राथमिकता है.

सीवेज नियंत्रण और ड्रेनेज पर भी प्लान तैयार


अनुराधा ठाकुर ने कहा, ‘हम कई राज्य सरकारों के साथ हवा और पानी प्रदूषण संबंधी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं. सीवेज नियंत्रण और ड्रेनेज पर भी बजट का बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है.’ ठाकुर ने आगे जोड़ा कि वित्त आयोग द्वारा शहरी व ग्रामीण स्थानीय निकायों को दिए जाने वाले अनुदानों का बड़ा हिस्सा जल और स्वच्छता से जुड़ा है, खासकर स्वच्छता से, और हर प्रकार के प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न तरीके अपनाए जा रहे हैं.

विज्ञापन

केंद्र सरकार ने मानी राहुल गांधी की बात


इधर, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हवा प्रदूषण पर संसदीय चर्चा की मांग की है और संघ बजट 2026-27 में इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त फंड आवंटित करने की अपील की. एक वीडियो संदेश में गांधी ने कहा, ‘सरकार को संसद में चर्चा की अनुमति देनी चाहिए और प्रधानमंत्री को प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना चाहिए. हमें एकजुट होकर गंभीर योजना बनानी होगी और बजट में इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त धन सुनिश्चित करना होगा.’

प्रदूषण एक ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल’


फेसबुक पर वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, ‘पिछले कुछ दिनों में देशभर के हजारों भारतीयों के संदेश पढ़े, जो प्रदूषण उनके जीवन पर असर डाल रहा है. सबसे ज्यादा डर बच्चों, माता-पिता और भविष्य को लेकर है. प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल है. संसद में चर्चा होनी चाहिए, सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए और इस बजट में वास्तविक समाधानों के लिए संसाधन होने चाहिए. भारतीय रिपोर्ट्स या बयानबाजी नहीं, साफ हवा चाहते हैं.’

विज्ञापन

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ