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हवा-पानी में घुला जहर… प्रदूषण से कैसे निपटेगी सरकार? ऑपरेशन के लिए ‘बजट’ का प्लान तैयार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हवा प्रदूषण पर संसदीय चर्चा की मांग की है और संघ बजट 2026-27 में इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त फंड आवंटित करने की अपील की.

Author Written By: Akarsh Shukla Updated: Feb 1, 2026 20:10

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश किया, जिसमें कई अहम घोषणाएं की गई हैं. इस बार के बजट में सरकार ने प्रदूषण से निपटने को भी प्रमुखता दी है. आर्थिक मामलों के विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि केंद्र सरकार प्रदूषण को प्रमुख प्राथमिकता मान रही है और हवा और पानी के प्रदूषण से निपटने के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं. उन्होंने बताया कि प्रदूषण सरकार की प्राथमिकता है.

सीवेज नियंत्रण और ड्रेनेज पर भी प्लान तैयार


अनुराधा ठाकुर ने कहा, ‘हम कई राज्य सरकारों के साथ हवा और पानी प्रदूषण संबंधी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं. सीवेज नियंत्रण और ड्रेनेज पर भी बजट का बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है.’ ठाकुर ने आगे जोड़ा कि वित्त आयोग द्वारा शहरी व ग्रामीण स्थानीय निकायों को दिए जाने वाले अनुदानों का बड़ा हिस्सा जल और स्वच्छता से जुड़ा है, खासकर स्वच्छता से, और हर प्रकार के प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न तरीके अपनाए जा रहे हैं.

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केंद्र सरकार ने मानी राहुल गांधी की बात


इधर, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हवा प्रदूषण पर संसदीय चर्चा की मांग की है और संघ बजट 2026-27 में इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त फंड आवंटित करने की अपील की. एक वीडियो संदेश में गांधी ने कहा, ‘सरकार को संसद में चर्चा की अनुमति देनी चाहिए और प्रधानमंत्री को प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना चाहिए. हमें एकजुट होकर गंभीर योजना बनानी होगी और बजट में इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त धन सुनिश्चित करना होगा.’

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प्रदूषण एक ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल’


फेसबुक पर वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, ‘पिछले कुछ दिनों में देशभर के हजारों भारतीयों के संदेश पढ़े, जो प्रदूषण उनके जीवन पर असर डाल रहा है. सबसे ज्यादा डर बच्चों, माता-पिता और भविष्य को लेकर है. प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल है. संसद में चर्चा होनी चाहिए, सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए और इस बजट में वास्तविक समाधानों के लिए संसाधन होने चाहिए. भारतीय रिपोर्ट्स या बयानबाजी नहीं, साफ हवा चाहते हैं.’

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First published on: Feb 01, 2026 08:10 PM

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