गुजरात के वडोदरा में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेगा शो 'नमो फॉर विकसित भारत' हुआ, जिसमें करीब 6000 यंग प्रोफेशनल जुटे. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से सीधा संवाद किया और कहा कि विकास और साझेदारी का उत्सव मना रहे हैं, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले सहयोगी शामिल हैं. यहां सब कुछ एक साथ आ रहा है. मैं आज आप सबके बीच 'विकसित भारत' की ओर बढ़ती यात्रा को और तेज करने के लिए आया हूं. लेकिन विकसित भारत के लिए कनेक्टिविटी चाहिए और इसके लिए देश के Gen-Z युवाओं का सहयोग, मदद केंद्र सरकार को चाहिए.
स्वच्छता से स्वागत अभियान के लिए बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वडोदरा के प्रत्येक नागरिक ने शहर में 'स्वच्छता से स्वागत' अभियान को जिस सेवाभाव से चलाया है, उसके लिए मैं हार्दिक बधाई देता हूं और प्रशंसा करता हूं. कल मैं एक वीडियो देख रहा था और उसे देखकर मुझे गर्व महसूस हुआ. इस वर्ष लाल किले से मैंने 'विकसित भारत' के लिए 'सप्तधारा' 7 सूत्रीय संकल्प का आह्वान किया था. इन 7 धाराओं में से एक 'गति शक्ति' है, यानी विकसित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए, जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से तेज भी हो. वडोदरा तो गतिशक्ति यूनिवर्सिटी का शहर है. अब यहां डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर है.
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डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट का जिक्र किया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 2800 किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया है. 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ है. आज मैं विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए आपके बीच आया हूं. थोड़ी देर पहले यहां देश के विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है. इस विकास पर्व में आप सभी ने जिस सेवाभाव से पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, इसके लिए मैं वडोदरा के हर एक नागरिक को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनकी सराहना करता हूं.
डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर ने बचाया ट्रेनों का समय
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 7-8 साल में फ्रेट कॉरिडोर एक किलोमीटर तक भी नहीं बना था. साल 2014 के बाद वाली सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया और आज इस कॉरिडोर का उद्घाटना भी हो गया है. पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ही आज देश के कारोबार को बढ़ाने का आधार बन रहे हैं. पहले मालगाड़ी और ट्रेनें पटरियों पर चलती थी. इससे ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित होती थी, लेकिन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने बदलाव किया है. आज इस कॉरिडोर पर रोज करीब 430 मालगाड़ियां चल रही हैं. पहले मालगाड़ी को 100 किलोमीटर जाने में 4 घंटे लगते थे. अब समय बचने लगा है.
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किसानों के लिए फ्रेट कॉरिडोर के फायदे बताए
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर से किसान अपना सामान कम समय में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकेंगे. किसानों की जल्दी खराब होने वाली चीजें फल, सब्जियां, फूल आदि बड़े बाजारों तक बहुत तेजी से पहुंच सकेंगी. मुंबई के JNPT पोर्ट से वडोदरा तक डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखाकर चलाई गई. इससे एक बार में 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर सामान ले जाया जा सकता है. इससे समय, ईंधन और माल ढुलाई की लागत बचती है. ट्रांसपोर्ट के इस बदलाव से कारोबार को गति मिलने के साथ पर्यावरण को भी फायदा होगा.
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