पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने आवास पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक अहम बैठक की अध्यक्षता की. करीब 3 घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में युद्ध की वजह से पैदा होने वाली चुनौतियों, विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा, खाद आपूर्ति और महंगाई पर गहन चर्चा की गई.
LPG जमाखोरी पर होगी सख्ती
बैठक में कैबिनेट सचिव ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG के दाम स्थिर रखे गए हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि रसोई गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग देशों से आयात बढ़ाया जा रहा है. साथ ही, राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए.
Prime Minister Narendra Modi chairs a meeting of the Cabinet Committee on Security (CCS) in Delhi. pic.twitter.com/OCghG7kjxU
— ANI (@ANI) April 1, 2026
किसानों के लिए खाद और बिजली का ‘बैकअप प्लान’
पीएम मोदी ने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र की चिंताओं पर जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि खरीफ और रबी सीजन के लिए देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए. यूरिया का उत्पादन जारी है और डीएपी की विदेशी सप्लाई के लिए समन्वय किया जा रहा है. इसके अलावा, गर्मियों में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए गैस आधारित पावर प्लांट्स (7–8 GW) को राहत देने और थर्मल प्लांट्स के लिए कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की रणनीति तैयार की गई है.
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होर्मुज संकट पर नजर
बैठक में होर्मुज स्ट्रेट के जरिए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर भी चर्चा हुई. सिविल एविएशन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आने वाली संभावित बाधाओं से निपटने के लिए भी रणनीति तैयार की जा रही है.
अफवाहों पर लगाम
पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता तक सही और प्रामाणिक सूचना पहुंचनी चाहिए ताकि युद्ध के कारण पैदा होने वाली अफवाहों और गलत जानकारी से बचा जा सके. खाद्य वस्तुओं की कीमतों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं. पिछले एक महीने में खुदरा कीमतें स्थिर रही हैं, और सब्जियों व फलों की कीमतों पर भी रियल-टाइम नजर रखी जा रही है.
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साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि इस वैश्विक संकट का असर आम नागरिकों पर न पड़े इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएं. सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित क्षेत्रों और नागरिकों की समस्याओं को कम करने के लिए हरसंभव उपाय करें.










