---विज्ञापन---

देश

NEET PG 2025 कट-ऑफ कम करने से डॉक्टरों की योग्यता पर असर नहीं, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

NEET PG 2025 की काउंसलिंग में कट-ऑफ कम किए जाने को लेकर चल रहे विवाद पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख साफ कर दिया है. सरकार का तर्क है कि कट-ऑफ कम करने से डॉक्टरों की काबिलियत पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा.

Author Edited By : Vijay Jain
Updated: Feb 23, 2026 13:12
NEET PG cut off reduction

NEET PG 2025 के कटऑफ में कमी के फैसले का बचाव करते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि NEET PG के क्वालीफाइंग कट-ऑफ में कमी करने से डॉक्टरों की योग्यता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा. इसका मुख्य कारण यह है कि सभी उम्मीदवार पहले से ही MBBS की कठिन परीक्षा पास कर न्यूनतम योग्यता के मानकों पर खरे उतर चुके होते हैं. NEET-PG महज सीमित पीजी सीटों के आवंटन के लिए मात्र एक फिल्टर व्यवस्था है.
इसका असली मकसद सीमित पोस्टग्रेजुएट सीटों के लिए उम्मीदवारों के बीच मेरिट लिस्ट तैयार करना है. गौरतलब है कि नीट पीजी 2025-26 सत्र के लिए काउंसलिंग के तीसरे दौर में माइनस अंक वालों को भी PG में प्रवेश देने के NBEM के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इस दलील पर कोर्ट में सुनवाई जारी है.

क्या है मामला, केंद्र सरकार ने हल्फनामे में क्या कहा?

नीट पीजी 2025-26 सत्र के लिए काउंसलिंग के तीसरे दौर में क्वालीफाइंग प्रतिशत को कम किया गया था. इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. केंद्र ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि NEET-PG परीक्षा का उद्देश्य डॉक्टरों की न्यूनतम योग्यता की जांच करना नहीं है—यह तो MBBS डिग्री से ही साबित हो चुकी होती है. NEET-PG का असली मकसद सीमित पोस्टग्रेजुएट सीटों के लिए उम्मीदवारों के बीच मेरिट लिस्ट तैयार करना है.

---विज्ञापन---

कट-ऑफ कम करना एक प्रशासनिक कदम है, जो मेरिट को प्रभावित नहीं करता. सीट अलॉटमेंट अभी भी मेरिट और पसंद के आधार पर होती है. यह कट-ऑफ में कमी 2017 से NEET-PG शुरू होने के बाद कई बार हो चुकी है, जैसे 2023 में कई कैटेगरी में जीरो तक पहुंच गई थी.

मरीजों की सुरक्षा पर केंद्र का पक्ष

केंद्र ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे सवाल गलत हैं. सभी एडमिट उम्मीदवार पहले से ही लाइसेंस प्राप्त MBBS डॉक्टर हैं, जो स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस कर सकते हैं. पोस्टग्रेजुएट ट्रेनिंग के दौरान वे सीनियर फैकल्टी और स्पेशलिस्ट्स की सख्त निगरानी में काम करते हैं.

---विज्ञापन---
First published on: Feb 23, 2026 12:44 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.