क्या हैं एंटी डोपिंग और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025? जो लोकसभा में हुए पास

Monsoon Session 2025: लोकसभा में आज नेशनल एंटी डोपिंग अमेंडमेंट बिल 2025 और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 पास हो गया है। दोनों बिलों को गहन विचार-विमर्श और चर्चा के बाद बहुमत से पास किया गया। दोनों बिलों का संबंध खेल जगत से है और दोनों के कानून बनने के बाद खेल की दुनिया में कई बड़े बदलाव हो जाएंगे।

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लोकसभा में आज 2 अहम बिलों को चर्चा के बाद बहुमत से पेश किया गया।

Monsoon Session 2025: लोकसभा में आज 11 अगस्त दिन सोमवार को 2 अहम बिल पास हुए हैं, जिन्हें लोकसभा सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही पेश किया गया था। बता दें कि दोनों बिल स्पोर्ट्स की दुनिया से जुड़े हैं और दोनों बिलों को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 23 जुलाई 2025 को लोकसभा में पेश किया था, जिन पर चर्चा आज पूरी हुई। वहीं चर्चा पूरी होने के बाद दोनों बिलों को बहुमत से लोकसभा में पास कर दिया गया।

क्या है एंटी डोपिंग बिल 2025?

बता दें कि राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) बिल 2025 भारतीय खेलों में डोपिंग को कंट्रोल करने और खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए पास कराया जा रहा है। यह बिल पास होने के बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम 2022 में बदलाव हो जाएगा और फिर कानून वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) के मानकों के अनुसार बन जाएगा।

नए बिल में धारा-2 के तहत परिभाषाओं में संशोधन किया गया है। एंटी-डोपिंग रूल वॉयलेशन की परिभाषा को विस्तृत किया गया है, जिसमें WADA कोड के अनुसार व्हेयरअबाउट्स फेल्योर, टैंपरिंग, पजेशन आदि शामिल हैं। नई परिभाषाएं जैसे मार्कर, मेटाबोलाइट और एंटी-डोपिंग ऑर्गनाइजेशन आदि को जोड़ा गया है।

धारा 4 को बदलकर एंटी-डोपिंग रूल वॉयलेशन की सूची को विस्तृत किया गया है, जिसमें निषिद्ध पदार्थों की मौजूदगी, इस्तेमाल, सैंपल स्टॉक से इनकार, ट्रैफिकिंग, एथलीट सपोर्ट पर्सनल कोच, पैरेंट आदि को शामिल किया गया। धारा 6 के तहत उल्लंघनों के परिणाम वर्णित किए गए हैं, जिनमें एथलीट या अन्य व्यक्ति के लिए अयोग्यता या निलंबन की सजा शामिल है।

क्या है राष्ट्रीय खेल प्रशासन बिल 2025?

भारतीय खेलों को पारदर्शी, जवाबदेह और प्लेयर्स फोकस्ड बनाने के लिए राष्ट्रीय खेल प्रशासन बिल 2025 संसद में पास कराया जा रहा है। इस बिल के कानून बनने से खेल निकायों, राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के कामकाज में सुधार आएगा।

इस बिल का मकसद खेल संगठनों की वर्किंग को पारदर्शी बनाना और सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है। खिलाड़ियों, विशेष रूप से महिलाओं और नाबालिगों के अधिकारों और सुरक्षा को प्राथमिकता देना है। खेल महासंघों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है। खेल से संबंधित विवादों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए मजबूत व्यवस्था स्थापित करना है।

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