Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

देश

आंकड़े नहीं, फिर भी बाजी मार सकते हैं उद्धव ठाकरे? समझिए एक ‘सिक्के’ का खेल जो पलट देगा BMC का गेम

227 वार्डों वाली बीएमसी में भाजपा ने 89 सीटें, शिवसेना (UBT) ने 65, शिवसेना (शिंदे) ने 29, कांग्रेस ने 24, एआईएमआईएम ने आठ, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने छह और एनसीपी (शरद पवार) ने एक सीट जीती है.

Author
Edited By : Arif Khan Updated: Jan 21, 2026 12:43
उद्धव ठाकरे के दोनों जीते एसटी पार्षद मराठी हैं.

BMC के नतीजे आने के बाद भी सस्पेंस खत्म नहीं हुआ है. भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है. एकनाथ शिंदे की शिवसेना की 29 सीटों के साथ वह बहुमत के करीब दिख रही है. लेकिन, मुंबई की राजनीति में असली खेल अभी शुरू होना बाकी है. चर्चा है कि 65 सीटें जीतने वाली उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) का मेयर बन सकता है. सुनने में यह नामुमकिन लग सकता है, लेकिन इसके पीछे एक ऐसा ‘तकनीकी पेंच’ है.

सारा खेल ‘मेयर लॉटरी’ का

मुंबई में मेयर कौन बनेगा, यह सिर्फ सीटों की संख्या से तय नहीं होता. इसका फैसला एक ‘लॉटरी’ से होता है. यह लॉटरी तय करती है कि मेयर की कुर्सी किस श्रेणी के लिए आरक्षित होगी – महिला, OBC, SC या ST. पिछली मेयर किशोरी पेडनेकर सामान्य श्रेणी से थीं, इसलिए इस बार यह पद आरक्षित श्रेणी में जाना तय है. असली ट्विस्ट गुरुवार को आने वाला है, जब नगर विकास विभाग यह लॉटरी निकालेगा.

---विज्ञापन---

उद्धव का ‘ट्रम्प कार्ड’

15 जनवरी को हुए चुनावों में मुंबई की 227 सीटों में से केवल 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित थीं. भाजपा और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) दोनों पार्टियों का एक भी ST पार्षद जीत नहीं आया. शिवसेना (UBT) से दो ST उम्मीदवार—जितेंद्र वालवी और दीपमाला बबन बढ़े ने जीत हासिल की है.

यदि गुरुवार की लॉटरी में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हो जाता है, तो भाजपा और शिंदे गुट के पास दावेदारी पेश करने के लिए अपना कोई उम्मीदवार ही नहीं होगा. ऐसी स्थिति में केवल उद्धव गुट ही अपना प्रत्याशी उतार पाएगा.

---विज्ञापन---

मराठी कार्ड और उद्धव का सपना

उद्धव ठाकरे के दोनों ST पार्षद ‘मराठी’ हैं. मुंबई की राजनीति में ‘मराठी मेयर’ एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है. अगर ऐसी स्थिति बनती है, तो कोई भी पार्टी मराठी उम्मीदवार का विरोध करने का जोखिम नहीं लेना चाहेगी.

क्या है विशेषज्ञों की राय?

हालांकि, राजनीतिक जानकार इसे थोड़ा मुश्किल मान रहे हैं. मुंबई में ST आबादी कम होने के कारण लॉटरी में इस श्रेणी के निकलने की संभावना कम रहती है. लेकिन राजनीति में ‘संभावना’ ही सब कुछ है.

First published on: Jan 21, 2026 12:43 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.