मिडिल ईस्ट जंग का आज 34वां दिन है। जंग के चलते दुनिया के ट्रेड पर बड़ा असर देखने को मिला है। इसी बीच भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। भारत सरकार ने 30 जून, 2026 तक महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर पूर्ण सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) छूट देने का निर्णय लिया है। इसे खाद और फार्मा सेक्टर के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
मध्य पूर्व में चल रही जंग के कारण वैश्विक संकट के बीच, भारत सरकार ने उर्वरक कंपनियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने अमोनियम नाइट्रेट पर आयात शुल्क में छूट दी है और कई पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क हटा दिया है। यह छूट 2 अप्रैल से 30 जून तक लागू रहेगी। सरकार का यह फैसला खाद और रसायन उद्योग को राहत देने के लिए है। यह छूट पेट्रोकेमिकल कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों पर निर्भर क्षेत्रों जैसे प्लास्टिक, पैकेजिंग, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, ऑटोमोटिव घटक और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगी और अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करेगी।
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इधर, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यों के कृषि मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों से यूरिया और डीएपी की उपलब्धता के बारे में बात की। उन्होंने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी संसद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहे हैं।
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40 उत्पादों पर रहेगी छूट
वित्त मंत्रालय ने करीब 40 तरह के पेट्रोकेमिकल कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों पर आयात शुल्क खत्म कर दिया है, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट, मेथनॉल, फिनॉल, पीवीसी और पॉलीप्रोपाइलीन जैसे अहम रसायन शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम आम जनता के हित में उठाया गया है, ताकि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच उद्योगों को राहत मिल सके।










