बेंगलुरु से चेन्नई सिर्फ 2.5 घंटे में! नया एक्सप्रेसवे बनकर तैयार, जानें कब शुरू होगा यह सुपरफास्ट रूट
Bengaluru Chennai Expressway: चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे का काम 92 फीसदी तक पूरा हो चुका है. इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच का सफर 6 घंटे से घटकर महज 2.5 घंटे रह जाएगा.
बेंगलुरु से चेन्नई जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी!
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Bengaluru Chennai Expressway: बेंगलुरु और चेन्नई के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस बेहद आधुनिक और हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद दोनों शहरों के बीच का सफर हमेशा के लिए बदल जाएगा. वर्तमान में बेंगलुरु से चेन्नई आने-जाने में लोगों को लगभग 6 से 7 घंटे का लंबा समय लगता है, लेकिन इस नए रूट के खुलने के बाद यह दूरी महज 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी जिससे यात्रियों का काफी समय बचेगा.
आंध्र प्रदेश में 92 फीसदी काम हुआ पूरा
इस एक्सप्रेसवे का जो हिस्सा आंध्र प्रदेश से होकर गुजरता है, वहां निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश में आने वाले 85 किलोमीटर लंबे इस पूरे स्ट्रेच का लगभग 92 फीसदी काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. अब वहां केवल फिनिशिंग और कुछ छोटे-मोटे काम ही बचे हैं जिन्हें बहुत जल्द निपटा लिया जाएगा. इस हाईवे के बनने से न केवल दो राज्यों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि इन रास्तों से गुजरने वाले भारी वाहनों और कमर्शियल गाड़ियों को भी एक बेहद सुगम और गड्ढा मुक्त रास्ता मिलेगा जिससे माल ढुलाई का काम भी काफी तेज और आसान हो जाएगा.
इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को तीन अलग-अलग राज्यों के हिस्सों में बांटकर तैयार किया जा रहा है. अगर इसके अन्य राज्यों के हिस्सों की बात करें तो कर्नाटक वाले सेक्शन का काम सबसे पहले पूरा हुआ था. कर्नाटक के दायरे में आने वाले लगभग 71 से 72 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को दिसंबर 2024 में ही आम जनता और ट्रैफिक की आवाजाही के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया था. वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु के हिस्से में आने वाले 106 किलोमीटर लंबे सेक्शन का काम भी इस समय जोरों पर चल रहा है और वहां लगभग 80 फीसदी निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया है जिसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा.
जल्द शुरू होगा दक्षिण भारत का यह ड्रीम प्रोजेक्ट
अगर इस पूरे चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के ओवरऑल प्रोग्रेस की बात की जाए तो यह महापरियोजना अब तक करीब 85 से 92 फीसदी तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुकी है. एनएचएआई के अधिकारी बचे हुए हिस्सों के निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने के बाद न केवल आम जनता का सफर आरामदायक होगा, बल्कि दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी एक नया बूस्ट मिलेगा. एक्सप्रेसवे के आस-पास के इलाकों में आने वाले समय में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी भारी तेजी देखने को मिलेगी जो स्थानीय विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी.
Bengaluru Chennai Expressway: बेंगलुरु और चेन्नई के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस बेहद आधुनिक और हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद दोनों शहरों के बीच का सफर हमेशा के लिए बदल जाएगा. वर्तमान में बेंगलुरु से चेन्नई आने-जाने में लोगों को लगभग 6 से 7 घंटे का लंबा समय लगता है, लेकिन इस नए रूट के खुलने के बाद यह दूरी महज 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी जिससे यात्रियों का काफी समय बचेगा.
आंध्र प्रदेश में 92 फीसदी काम हुआ पूरा
इस एक्सप्रेसवे का जो हिस्सा आंध्र प्रदेश से होकर गुजरता है, वहां निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश में आने वाले 85 किलोमीटर लंबे इस पूरे स्ट्रेच का लगभग 92 फीसदी काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. अब वहां केवल फिनिशिंग और कुछ छोटे-मोटे काम ही बचे हैं जिन्हें बहुत जल्द निपटा लिया जाएगा. इस हाईवे के बनने से न केवल दो राज्यों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि इन रास्तों से गुजरने वाले भारी वाहनों और कमर्शियल गाड़ियों को भी एक बेहद सुगम और गड्ढा मुक्त रास्ता मिलेगा जिससे माल ढुलाई का काम भी काफी तेज और आसान हो जाएगा.
इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को तीन अलग-अलग राज्यों के हिस्सों में बांटकर तैयार किया जा रहा है. अगर इसके अन्य राज्यों के हिस्सों की बात करें तो कर्नाटक वाले सेक्शन का काम सबसे पहले पूरा हुआ था. कर्नाटक के दायरे में आने वाले लगभग 71 से 72 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को दिसंबर 2024 में ही आम जनता और ट्रैफिक की आवाजाही के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया था. वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु के हिस्से में आने वाले 106 किलोमीटर लंबे सेक्शन का काम भी इस समय जोरों पर चल रहा है और वहां लगभग 80 फीसदी निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया है जिसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा.
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जल्द शुरू होगा दक्षिण भारत का यह ड्रीम प्रोजेक्ट
अगर इस पूरे चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के ओवरऑल प्रोग्रेस की बात की जाए तो यह महापरियोजना अब तक करीब 85 से 92 फीसदी तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुकी है. एनएचएआई के अधिकारी बचे हुए हिस्सों के निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने के बाद न केवल आम जनता का सफर आरामदायक होगा, बल्कि दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी एक नया बूस्ट मिलेगा. एक्सप्रेसवे के आस-पास के इलाकों में आने वाले समय में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी भारी तेजी देखने को मिलेगी जो स्थानीय विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी.