Manipur Jiribam Violence : मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की आग सुलगती नजर आ रही है। जिरीबाम जिले में एक महिला टीचर को पहले गोली मारी गई और फिर आग के हवाले कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया और कई घरों में आग लगा दी। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?
मणिपुर में पिछले दो महीने से शांति थी, लेकिन जिरीबाग के जैरावम गांव में गुरुवार की रात को अचानक से हिंसा की घटना हुई। हमार समुदाय की 31 वर्षीय महिला टीचर की गोली मारकर आग लगा दी गई। एक सुरक्षा अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि हिंसा में एक महिला की मौत हो गई। जैरावम गांव जिला मुख्यालय में जिरीबाम पुलिस स्टेशन से सिर्फ 7 किलोमीटर दूर और सीआरपीएफ कैंप के करीब है।
पुलिस ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि वहां कम से कम सात घरों में आगजनी की गई। स्थानीय हमार समुदाय संगठनों ने मृतक की पहचान 31 वर्षीय जोसांगकिम के रूप में की है, जो एक टीचर थी और वह अपने पति और तीन बच्चों के साथ गांव में रहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वह ‘सशस्त्र मैतेई उग्रवादियों’ द्वारा गांव पर किए गए हमले में मारी गई।
भागते समय टीचर के पैर में लगी गोली
हमार समुदाय संगठनों के अनुसार, जब रात करीब 9 बजे आगजनी शुरू हुई तो जोसांगकिम और उनका परिवार अन्य लोगों के साथ घर से बाहर भागे, लेकिन उनके पैर में गोली लग गई। इसके बाद टीचर को आग के हवाले कर दिया गया। हमार छात्र संघ जिरिबाम ने एक बयान जारी कर गांव में हिंसा को रोकने में सुरक्षा बलों की अक्षमता की निंदा की। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ की नाक के नीचे हत्या और आगजनी की घटनाएं हुईं। यह पूरा घटनाक्रम 60 मिनट में हुआ, जबकि सीआरपीएफ की तैनाती घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर है।