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LPG Cylinder Crisis: तेल-गैस संकट के बीच केंद्र सरकार ने लागू किया ESMA, जानें क्या है और क्यों पड़ी जरूरत?

LPG Cylinder Crisis: भारत में गैस का संकट गहराया है और आने वाले दिनों में तेल का संकट भी गहरा सकता है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। क्योंकि तेल-गैस संकट गहराने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है, इसलिए केंद्र सरकार ने ESMA लागू कर दिया है।

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LPG Cylinder Crisis New Update: मिडिल ईस्ट की जंग के कारण देश में गहराए तेल-गैस संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने देश में आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA- Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है। बता दें कि 28 फरवरी से इजरायल-अमेरिका और ईरान की जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई बाधित हुई है। इससे देश में जहां कुकिंग गैस का संकट गहराया है, वहीं आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल का संकट भी गहराने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसलिए एहतियातन ESMA लागू कर दिया गया है।

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क्या है एस्मा और क्यों लगाया गया?

आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) 1968 में बनाया गया एक कानून है। इसे लागू करके केंद्र सरकार स्वास्थ्य, परिवहन और बिजली-पानी जैसी जरूरी सेवाओं के लिए कार्यरत कर्मचारियों की हड़ताल पर जाने से रोकती है और इन सेवाओं की सप्लाई बिना किसी बाधा के चलती रहे, यह सुनिश्चित करती है।

एस्मा लगाने के पीछे सरकार की मंशा देशवासियों को जीवन को प्रभावित होने से बचाना है। क्योंकि तेल-गैस संकट गहराने से अगर देश में हालात खराब हुए और एस्मा के कारण कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा पाएंगे और जरूरी सेवाओं की आपूर्ति बाधित नहीं होगी और लोगों के जीवन पर असर भी नहीं पड़ेगा।

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एस्मा का उल्लंघन किया तो क्या होगा?

बता दें कि एस्मा लगने के बाद अगर कोई हड़ताल पर जाता है तो वह हड़ताल अवैध मानी जाती है। एस्मा लागू होने के बाद हड़ताल करने वालों को बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है। जिस सर्विस पर एस्मा लगाया जाता है, उससे संबंधित कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते। अगर वे ऐसा करते हैं तो उन्हें बिना वारंट गिरफ्तार करके 6 महीने जेल की सजा सुनाई जा सकती है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जेल-जुर्माना दोनों का दंड दिया जा सकता है। एस्मा 6 महीने के लिए लगाया जाता है और जरूरत पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है। हालांकि यह केंद्र सरकार का कानून है, लेकिन राज्य सरकारें अलग से इस कानून को जरूरत पड़ने पर लागू कर सकती हैं।

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First published on: Mar 10, 2026 10:57 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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