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लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस, अध्यक्ष की कुर्सी पर क्यों नहीं बैठ पाए स्पीकर?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 96 (2) के अनुसार, यदि लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव सदन में विचाराधीन हो, तो अध्यक्ष को सदन की बैठक में भाग लेने और अपनी बात रखने का अधिकार होता है। लेकिन वो बैठेंगे कहां, आइए विस्तार से बताते हैं। पढ़िए दिल्ली से प्रशांत देव की रिपोर्ट।

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Edited By : Raghav Tiwari Updated: Mar 10, 2026 14:28

लोक सभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया गया है। विपक्ष के इस प्रस्ताव पर सदन में चर्चा शुरू हो गई है। आपने देखा होगा कि आज स्पीकर की चेयर पर खुद ओम बिरला नहीं बैठे हैं। इसके पीछे संवैधानिक नियम है। आज स्पीकर की कुर्सी पर सांसद कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी नजर आए। आइए नियम के बारे में विस्तार से जानते हैं।

संविधान क्या कहता है? इसके बारे में बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 96 (2) के अनुसार, यदि लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव सदन में विचाराधीन हो, तो अध्यक्ष को सदन की बैठक में भाग लेने और अपनी बात रखने का अधिकार होता है।
हालांकि इस दौरान वे सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं कर सकते। इसके साथ ही यदि वोटिंग के दौरान मत बराबर हो जाएं (टाई की स्थिति) तो भी अध्यक्ष वोट नहीं दे सकते। यानी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा अध्यक्ष अपनी सफाई या पक्ष रख सकते हैं, लेकिन वे उस समय स्पीकर की कुर्सी पर बैठकर कार्यवाही नहीं चलाएंगे।

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यह भी पढ़ें: पांच राज्यों में चुनाव से पहले विपक्ष की बड़ी तैयारी, क्या CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आएगा महाभियोग प्रस्ताव?

कहां बैठेंगे स्पीकर?

संसदीय परंपरा के मुताबिक, ऐसी स्थिति में स्पीकर स्पीकर की कुर्सी पर नहीं बैठते। कार्यवाही का संचालन आमतौर पर डिप्टी स्पीकर या पैनल ऑफ चेयरपर्सन का कोई सदस्य करता है। स्पीकर चाहें तो सदन में किसी अन्य सदस्य की तरह अपनी सीट से बोल सकते हैं। हालांकि ऐसी स्थिति अबतक आई नहीं है।

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कब होगी चर्चा और वोटिंग?

मिली जानकारी के अनुसार, ओम बिरला के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर दो दिन तक बहस कराई जाएगी। इस बहस के लिए कुल 10 घंटे का समय तय किया गया है।
संभावना है कि 11 मार्च को इस प्रस्ताव पर मतदान कराया जाए।

कौन-कौन रखेंगे अपनी बात?

इस बहस में विपक्ष और सरकार दोनों की ओर से कई प्रमुख सांसद बोलेंगे। विपक्ष की ओर से मनीष तिवारी, मोहम्मद जावेद भाग लेंगे। वहीं सरकार की ओर से अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे, जगदंबिका पाल और गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

इस मुद्दे ने तब तूल पकड़ा जब विपक्ष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। जब राहुल गांधी सदन में नरवाने की एक विवादित पुस्तक का अंश पढ़कर सरकार से सवाल उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। इसी को लेकर विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाने का फैसला किया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बहस के दौरान क्या ओम बिरला खुद सदन में आकर अपना पक्ष रखेंगे या नहीं।

यह भी पढ़ें: पद से हटाए जाएंगे ओम बिरला? आज लोकसभा में पेश होगा अविश्वास प्रस्ताव, जानें कौन-कौन से

First published on: Mar 10, 2026 02:28 PM

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