जिस एयरपोर्ट पर विमान हादसे में गई थी अजीत पवार की जान, वहां अब 100 करोड़ खर्च करेगी सरकार, जानें क्या बदलेगा?

महाराष्ट्र सरकार ने बारामती एयरपोर्ट की काया बदलने का प्लान बना लिया है. करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और सरकार की योजना एयरपोर्ट को फुली एयर फ्लाई ऑपरेशनल बनाने की है. अजीत पवार की विमान हादसे में मौत के बाद यह एयरपोर्ट सुर्खियों में आया था.

AJIT PAWAR

विमान हादसे में अजीत पवार समेत 5 लोगों की मौत हुई थी.

महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर विमान हादसे में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत हो गई थी. उस हादसे के 6 महीने बाद महाराष्ट्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये में एयरपोर्ट का नवीनीकरण करने की योजना बनाई है. सरकार के प्रस्ताव को 2 हफ्ते पहले महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) ने मंजूरी दे दी थी, जो प्रदेश में छोटे एयरपोर्ट को मैनेज करने वाली सरकारी एजेंसी है. इसके बाद पिछले बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (विमानन) संजय सेठी ने भी इसे मंजूरी दे दी और अब राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की मंजूरी का इंतजार है.

विज्ञापन
विज्ञापन

90 के दशक में शरद पवार ने बनवाया था एयरपोर्ट

बता दें कि अजीत पवार और 4 अन्य लोगों की 28 जनवरी को उस समय मौत हो गई थी, जब मुंबई से उन्हें बारामती ले जा रहा चार्टर्ड विमान सुबह 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पायलट ने लेयरजेट-45 विमान को उतारने का प्रयास किया था, लेकिन वह नाकाम रहा. यह एयरपोर्ट पवार परिवार ने 90 के दशक में बनवाया था. उस समय के मुख्यमंत्री शरद पवार ने बारामती में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट बनवाया. शरद पवार ने बारामती को एक ग्रामीण पिछड़े इलाके से औद्योगिक और शैक्षिक केंद्र में बदला, लेकिन बारामती एयरपोर्ट की उपेक्षा होती रही.

एयरपोर्ट के अंदर ही दो प्राइवेट एयर ट्रेनिंग स्कूल

बारामती एयरपोर्ट की 1600 मीटर एवं 30 मीटर छोटी हवाई पट्टी का इस्तेमाल अब तक पवार परिवार, सरकारी अधिकारियों और व्यापारियों के द्वारा ही किया जाता था. लेकिन एयरपोर्ट के चारों ओर बाड़ नहीं है तो जानवर और आवारा कुत्ते एयरपोर्ट में घुस आते हैं. यहां 2 प्राइवेट एयर ट्रेनिंग स्कूल हैं, जो पायलटों को इसी एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण देते हैं. इस एयरपोर्ट पर कोई एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) कर्मचारी नहीं हैं. ऐसे में एयर ट्रेनिंग के लिए स्कूलों स्टूडेंट्स ही ATC यूनिट में काम करते हैं. बारामती एयरपोर्ट पर अब तक महीने में केवल 10 से 12 VVIP फ्लाइट ही टेकओवर और लैंड होती हैं.

विज्ञापन

एयरपोर्ट पर एंबुलेस और फायर ब्रिगेड तक नहीं

विमान हादसे के बाद पता चला कि एयरपोर्ट पर इमरजेंसी सर्विस और फायर ब्रिगेड नहीं है. अजीत पवार के पार्थिव शरीर को ले जाने के लिए बारामती नगर परिषद से एंबुलेंस बुलाई बुलानी पड़ी. अजीत पवार भी बारामती एयरपोर्ट का नवीनीकरण करना चाहते थे. यह एयरपोर्ट उन 5 एयरपोर्ट में शामिल था, जिन्हें साल 2008-2009 में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एयरपोर्ट डेवलपर्स को मैनेजमेंट के लिए सौंपा गया था. लेकिन एयरपोर्ट उपेक्षा का शिकार हुआ, इसलिए महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम ( MIDC ) ने जुलाई 2025 में इसे कंपनी से वापस ले लिया और MADC को सौंप दिया गया.

विज्ञापन

बारामती एयरपोर्ट को तरह अपग्रेड किया जाएगा

एयरपोर्ट के नवीनीकरण के लिए बने प्रस्ताव के तहत ATC टॉवर, फायर ब्रिगेड और अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे. हवाई पट्टी में भी सुधार किए जाएंगे, जिनमें नई कालीन बिछाना, विमान के ओवरशूट होने की स्थिति में दोनों सिरों पर 90 मीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाना, हवाई पट्टी की ग्रेडिंग, बारिश के पानी की निकासी, विंडसॉक, एज लाइट्स और प्रिसिजन अप्रोच पाथ इंडिकेटर की लाइट्स लगाना शामिल हैं, ताकि पायलटों को लैंडिंग के दौरान सही दिशा बनाए रखने में गाइडेंस हैं. एयरपोर्ट के चारों तरफ 8 किलोमीटर लंबी मजबूत चारदीवारी और एयरपोर्ट के अंदर भी एक सड़क का निर्माण भी किया जाएगा.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ