LeT Terrorist Yasir Killed in Kashmir: सुरक्षा बलों ने सेंट्रल कश्मीर के युसमर्ग के ऊंचे इलाकों में लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी यासिर को मार गिराया है, जो पाकिस्तान का नागरिक था. अधिकारियों ने बताया कि यासिर 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के आतंकी संगठन से जुड़ा था और 2024 में जम्मू-कश्मीर में हुए कई हमलों में उसके शामिल होने का शक था.
मुठभेड़ में मौत
इस आतंकवादी को ‘ऑपरेशन अशदार’ के दौरान मार गिराया गया. ये ऑपरेशन पीर पंजाल माउंटेन रेंज से आतंकवादियों के एक ग्रुप के गुजरने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किया गया था. मुठभेड़ के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यासिर की पहचान और उसके संगठन से लिंक को कंफर्म किया. ऑपरेशन के बाद पुलिस ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया: ‘तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते.’
2024 के हमलों में संदिग्ध रोल
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक 2024 में इस इलाके में यासिर की मौजूदगी का पता चलने के बाद से ही उस पर नजर रखी जा रही थी. जांचकर्ताओं को शक था कि वो कम से कम 3 बड़े हमलों में शामिल था. 4 मई 2024 को आतंकवादियों ने पुंछ के सुरनकोट इलाके में शाहसीतार के पास भारतीय वायु सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया. इस हमले में एयर फोर्स का एक जवान मारा गया और 4 अन्य घायल हो गए.
यासिर पर सोनमर्ग के पास गंगनगीर में 20 अक्टूबर को हुए हमले में भी शामिल होने का शक था, जिसमें एक डॉक्टर समेत 7 लोग मारे गए थे. इसके ठीक 4 दिन बाद, आतंकवादियों ने गुलमर्ग के पास बोटा पाथरी में सेना की एक गाड़ी पर हमला किया. इसमें 5 लोगों (3 सैनिकों और 2आम नागरिकों ) की जान चली गई. अधिकारियों ने यासिर का लिंक उस आतंकवादी ग्रुप से जोड़ा जो इस हमले के लिए जिम्मेदार था.
LeT नेटवर्क और सर्च ऑपरेशन
खबरों के मुताबिक यासिर लश्कर-ए-तैयबा कमांडर जुनैद अहमद भट के अंडर काम करता था, जो दिसंबर 2024 में दाचीगाम जंगल में मारा गया था. माना जाता है कि एक और आतंकवादी, मूसा, यासिर के साथ ही था. पहाड़ी इलाकों में ग्रुप मूवमेंट का पता लगाने के बाद सुरक्षा बलों ने यह नया ऑपरेशन शुरू किया. सेना, J&K पुलिस और CRPF ने 1 सितंबर को घेराबंदी शुरू की और 2 दिन बाद आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई.
एनकाउंटर वाली जगह से एक एके राइफल बरामद की गई. बल बहुत मुश्किल और ऊंचे पहाड़ी इलाके में मूसा की तलाश जारी रखे हुए हैं, जहां का रास्ता ऊबड़-खाबड़ है, भारी बारिश हो रही है और विजिबिलिटी घटकर तकरीबन 5 मीटर रह गई है.