जिला प्रशासन ने मचैल माता यात्रा 2026 को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा चाक चौबंद किया है. प्रशाशन का कहना है की श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना हमारा मकसद है. यात्रा का शुभारंभ आज 14 अप्रैल को बैसाखी के पावन अवसर पर हुआ. आज सुबह आठ बजे मंदिर के गर्भगृह में स्थापना पूजन (धार्मिक अनुष्ठान) संपन्न किया गया और श्रद्धालुओं आज सुबह 11 बजे के बाद दर्शन करना शुरू हुए.
इस बार विशेष इंतज़ाम किए गए है. क्योंकि पिछले साल चिशोती गांव में हुए विनाशकारी बादल फटने की घटना से जहाँ 63 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 30 लोग लापता हो गए थे.
आपको बता दे की जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्दार क्षेत्र के चिशोती गांव में 14 अगस्त 2025 को भीषण बादल फटने की घटना हुई थी.
इस साल तीर्थयात्रियों के लिए RFID कार्ड, नए पुल, बिना रुकावट बिजली की सप्लाई, और बेहतर सुरक्षा और मेडिकल सुविधाएँ शामिल हैं, ताकि यह तीर्थयात्रा बिना किसी दिक्कत के पूरी हो सके.

ये इंतज़ाम पिछले साल की गांव में हुए भयानक बादल फटने की घटना को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं. चिशोती गांव ही मंदिर जाने का मुख्य रास्ता है और प्रवेश द्वार हैऔर पिछले साल की घटना में 63 लोगों की जान चली गई थी, जबकि लगभग 30 लोग लापता हो गए थे. बाढ़ में एक पुल बह गया था और कई इमारतें टूट-फूट गई थीं, जिससे संपर्क टूट गया था और पूरे इलाके का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से बिगड़ गया था. आज श्रद्धालु पहले दिन बेहद ज्यादा संख्या में माता मचल के दर्शनों को पहुंच रहे हैं मां के जयघोशे के साथ पूरे माहौल को भक्ति में बना रहे हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के चलते चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बलों की चुनौती भी की गई है.










