Commercial Cylinder New Price: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच भारतीयों को फिर बड़ा झटका लगा है। गैस महंगी हो गई है, लेकिन सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर के रेट बढ़ाए गए हैं। घरेलू सिलेंडर के दामों में कोई इजाफा नहीं हुआ। आज एक अप्रैल से दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 194 रुपये, मुंबई में 196 रुपये, चेन्नई में 203 रुपये, कोलकाता में 218 रुपये महंगा मिलेगा। इससे पहले गत 7 मार्च को कमर्शियल सिलेंडर का रेट 115 रुपये बढ़ाया गया था।
चारों महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर का नया रेट
बता दें कि आज से दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 1884.50 रुपये की बजाय 2078.50 रुपये में मिलेगा। कोलकाता में सिलेंडर 1990 रुपये की बजाय 2208 रुपये में मिलेगा। मुंबई में 1835 रुपये की बजाय 2031 रुपये में मिलेगा। वहीं चेन्नई में 2043.50 रुपये की बजाय 2246.50 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा लखनऊ में कमर्शियल सिलेंडर का रेट 2201, पटना में 2365 रुपये, जयपुर में 2031 रुपये, बेंगलुरु में 2161 रुपये और हैदराबाद में 2321 रुपये में मिलेगा।
The 19 kg commercial LPG gas cylinder will become costlier starting today. In Delhi, the price of a 19 kg cylinder has increased by Rs 195.50, and in Kolkata by Rs 218, effective from today, 1 April: Sources pic.twitter.com/gYu6qbVbq1
— ANI (@ANI) April 1, 2026
सिलेंडर के रेट बढ़ने से इंसान पर क्या असर पड़ेगा?
बता दें कि कमर्शियल सिलेंडर के रेट बढ़ने से आम आदमी की जेब और आजीविका दोनों पर गहरा असर पड़ेगा। एक तो होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड स्टॉल या अन्य कमर्शियल कामों के लिए सिलेंडर महंगा खरीदना पड़ेगा, जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी। खास छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं होटल, रेस्टोरेंट आदि की लागत बढ़ने से इन जगहों पर खाना-पीना और फास्ट फूड भी महंगा होगा, जिससे भी लोगों का खर्च काफी बढ़ जाएगा।
कमर्शियल सिलेंडर के रेट ही कंपनियों ने क्यों बढ़ाए?
बता दें कि कमर्शियल सिलेंडर के रेट एक महीने में दूसरी बार बढ़ाए गए हैं। गत 7 मार्च के बाद एक अप्रैल को सिलेंडर महंगा कर दिया गया। ऐसा मिडिल ईस्ट में जंग के कारण हुआ है। ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के विरोध में होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक किया हुआ है। इस वजह से देश में गैस और कच्चे तेल की कमी हो गई। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। इसलिए भारत सरकार और तेल कंपनियों को सिलेंडर के दाम बढ़ाने पड़े हैं।










