चमकते दांत… लहराते बाल चाहता था लश्कर आतंकी शब्बीर, हेयर ट्रांसप्लांट के लिए खर्च किए 1.5 लाख रुपये
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन को लेकर बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि उसने पहचान छिपाने और लुक बदलने के लिए गुरुग्राम में हेयर ट्रांसप्लांट और दांतों का इलाज कराया था. पुलिस अब उसके नेटवर्क और फंडिंग की जांच में जुटी है.
Written By: Varsha Sikri|Updated: May 20, 2026 16:00
Edited By : Varsha Sikri|Updated: May 20, 2026 16:00
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Credit: News24
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, शब्बीर ने अपनी पहचान बदलने और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए गुरुग्राम में हेयर ट्रांसप्लांट कराया था. इसके अलावा उसने अपने दांतों का इलाज भी कराया ताकि उसका चेहरा और लुक पूरी तरह बदल सके. सूत्रों के मुताबिक, शब्बीर अहमद लोन ने गुरुग्राम के एक नामी डॉक्टर से सीक्रेट तरीके से संपर्क किया था. उसने बालों के ट्रांसप्लांट पर करीब 1.5 लाख रुपये खर्च किए. जांच एजेंसियों का मानना है कि वो लंबे समय से अपना हुलिया बदलने की तैयारी कर रहा था ताकि आसानी से भारत में एक्टिव रह सके.
पुलिस जांच में ये भी सामने आया कि आतंकी शब्बीर को अपने दांतों से भी खास लगाव था. उसने दांतों को चमकदार बनाने और चेहरे की बनावट बेहतर दिखाने के लिए डेंटल ट्रीटमेंट कराया. अधिकारियों का कहना है कि वो लगातार अपने लुक पर काम कर रहा था ताकि पहचान बदल सके. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शब्बीर अहमद लोन पहले भी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है. वो पाकिस्तान में हथियारों की ट्रेनिंग ले चुका था और 2005 में दिल्ली में फिदायीन हमले की साजिश में भी उसका नाम सामने आया था. जेल से बाहर आने के बाद उसने बांग्लादेश में ठिकाना बना लिया और वहीं से भारत के खिलाफ साजिश रचता रहता था.
दिल्ली और कई राज्यों में फैला नेटवर्क
अधिकारियों ने बताया कि लोन एक समय लश्कर के संस्थापक आतंकवादी हाफिज सईद के सीधे संपर्क में था. खबरों के मुताबिक, उसने पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग ली थी. दिल्ली और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सक्रिय लश्कर से जुड़े एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के कुछ दिनों बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. जांचकर्ताओं ने दावा किया था कि शब्बीर दिल्ली और कोलकाता में कई जगहों पर भारत विरोधी पोस्टर लगाने में शामिल था. जांच एजेंसियों को शक है कि शब्बीर का नेटवर्क दिल्ली, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत तक फैला हुआ था. पुलिस अब उसके संपर्कों, फंडिंग और मददगारों की तलाश में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, शब्बीर ने अपनी पहचान बदलने और सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए गुरुग्राम में हेयर ट्रांसप्लांट कराया था. इसके अलावा उसने अपने दांतों का इलाज भी कराया ताकि उसका चेहरा और लुक पूरी तरह बदल सके. सूत्रों के मुताबिक, शब्बीर अहमद लोन ने गुरुग्राम के एक नामी डॉक्टर से सीक्रेट तरीके से संपर्क किया था. उसने बालों के ट्रांसप्लांट पर करीब 1.5 लाख रुपये खर्च किए. जांच एजेंसियों का मानना है कि वो लंबे समय से अपना हुलिया बदलने की तैयारी कर रहा था ताकि आसानी से भारत में एक्टिव रह सके.
पुलिस जांच में ये भी सामने आया कि आतंकी शब्बीर को अपने दांतों से भी खास लगाव था. उसने दांतों को चमकदार बनाने और चेहरे की बनावट बेहतर दिखाने के लिए डेंटल ट्रीटमेंट कराया. अधिकारियों का कहना है कि वो लगातार अपने लुक पर काम कर रहा था ताकि पहचान बदल सके. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शब्बीर अहमद लोन पहले भी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है. वो पाकिस्तान में हथियारों की ट्रेनिंग ले चुका था और 2005 में दिल्ली में फिदायीन हमले की साजिश में भी उसका नाम सामने आया था. जेल से बाहर आने के बाद उसने बांग्लादेश में ठिकाना बना लिया और वहीं से भारत के खिलाफ साजिश रचता रहता था.
दिल्ली और कई राज्यों में फैला नेटवर्क
अधिकारियों ने बताया कि लोन एक समय लश्कर के संस्थापक आतंकवादी हाफिज सईद के सीधे संपर्क में था. खबरों के मुताबिक, उसने पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग ली थी. दिल्ली और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सक्रिय लश्कर से जुड़े एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के कुछ दिनों बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. जांचकर्ताओं ने दावा किया था कि शब्बीर दिल्ली और कोलकाता में कई जगहों पर भारत विरोधी पोस्टर लगाने में शामिल था. जांच एजेंसियों को शक है कि शब्बीर का नेटवर्क दिल्ली, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत तक फैला हुआ था. पुलिस अब उसके संपर्कों, फंडिंग और मददगारों की तलाश में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.