Kashmir Sopore News : कश्मीर के सोपोर में एक ‘मौलवी’ बच्चों को फंसाता था और फिर उनका यौन शोषण करता था। इस मामले में अदालत ने सोमवार को मौलवी को दोषी ठहराया था और सजा का फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने मंगलवार को 14 साल जेल की सजा सुनाई। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?
स्वयंभू आध्यात्मिक उपचारक एजाज शेख को एक दशक से अधिक समय तक दो पीड़ितों का बार-बार यौन शोषण करने के लिए 14 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। इसे लेकर वकील आयशिया जहगीर ने कहा कि आरोपी को सोमवार को दोषी ठहराया गया। सजा की अवधि पर बहस के लिए मामला सुरक्षित रखा गया था। सीजेएम सोपोर ने इस मामले में दो पीड़ितों के लिए आरोपी को 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
मौलवी पर जुर्माना भी लगा
वकील ने बताया कि मौलावी के खिलाफ सजाएं एक के बाद एक चलेंगी, उसे 14 साल के कठोर कारावास के साथ-साथ प्रत्येक पीड़ित के लिए 50,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। 45,000 रुपये मुआवजे के रूप में जमा करने का निर्देश दिया गया है और सीजेएम ने यह भी कहा है कि पीड़ित अपनी क्षमता के अनुसार मुआवजे के लिए उचित मंचों से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र है।
जानें क्या है पूरा मामला?
2 मार्च 2016 को आईपीसी की धारा 377 के तहत एजाज शेख के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और 2017 में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। एजाज शेख पर आरोप है कि वह इमाम, स्कूल शिक्षक और धर्म गुरु के रूप में बच्चों को फंसाता था और फिर उनके साथ यौन शोषण करता था। इसी मामले में एजाज शेख को सजा सुनाई गई।