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‘फांसी चढ़ा दीजिए…’, राज्यसभा में ट्रांसजेंडर बिल पर चर्चा के दौरान भड़कीं जया बच्चन

राज्यसभा में ट्रांसजेंडर बिल पर चर्चा के दौरान जया बच्चन और स्पीकर के बीच तीखी नोकझोंक हुई. विपक्षी दलों ने इस बिल को समुदाय के साथ अन्याय बताते हुए कड़ा विरोध किया.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 26, 2026 07:16

राज्यसभा में बुधवार को ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए लाए गए एक नए बिल पर चर्चा के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन अपनी बात रखते समय सदन में मौजूद अन्य सदस्यों के बर्ताव से काफी नाराज हो गईं और उनकी सीधी बहस स्पीकर से हो गई. जया बच्चन ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए डिप्टी चेयरमैन पैनल के दिनेश शर्मा से यहां तक कह दिया कि जितना मर्जी समय दीजिए या फिर फांसी पर चढ़ा दीजिए. यह पूरी नोकझोंक उस समय शुरू हुई जब जया बच्चन भाषण दे रही थीं और सत्ता पक्ष के कुछ सदस्य आपस में बातचीत कर रहे थे, जिससे उनका ध्यान भटक गया.

सदन में तीखी नोकझोंक और जया की नाराजगी

जया बच्चन ने जैसे ही रामनवमी की बधाई देते हुए अपना भाषण शुरू किया, अन्य सांसदों की बातचीत से वे रुक गईं और स्पीकर की ओर देखने लगीं. जब स्पीकर ने उन्हें बोलना जारी रखने को कहा, तो जया बच्चन ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आप कमजोर लोगों को फांसी पर चढ़ा ही रहे हैं. उन्होंने स्पीकर से यह भी कहा कि अगर सदस्य आपकी बात नहीं सुन रहे हैं, तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते. बहस इतनी बढ़ गई कि जया बच्चन ने सदन के वेल में जाने तक की चेतावनी दे दी, जिसके बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया.

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यह भी पढ़ें: ‘भारत नहीं है दलाल देश’, सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्यों कही ये बात?

ट्रांसजेंडर बिल को विपक्ष ने बताया अन्याय

विपक्ष के कई दलों ने इस नए विधेयक का कड़ा विरोध किया और इसे ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ बड़ा अन्याय करार दिया. विपक्षी सांसदों ने मांग की कि इस बिल को प्रवर समिति (Select Committee) के पास भेजा जाना चाहिए ताकि सभी पक्षों के साथ विस्तार से चर्चा हो सके. जया बच्चन ने भी इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान वित्त संबंधी मामलों पर बात होनी चाहिए थी, न कि इस बिल पर. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि वह इस अल्पसंख्यक समुदाय की बददुआ न ले, क्योंकि इतिहास में राजा-महाराजाओं के समय से ही इस समाज का अपना महत्व रहा है.

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सत्ता पक्ष का पलटवार और जेपीसी की मांग

विपक्ष के आरोपों पर सत्ता पक्ष ने भी करारा जवाब दिया और कहा कि जब विपक्षी दल सत्ता में थे, तब उन्होंने इस समुदाय के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया. ट्रेजरी बेंच के सदस्यों ने विपक्ष पर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाया. वहीं तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह कानून सोशल मीडिया और अमेरिका के दबाव में बनाया जा रहा है. पूरी चर्चा के दौरान सदन में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा और विपक्ष इस बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में भेजने की अपनी मांग पर अड़ा रहा.

First published on: Mar 26, 2026 06:44 AM

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