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आंध्र प्रदेश: चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग से एक दिन पहले वैज्ञानिकों की टीम पहुंची तिरुपति मंदिर, जानें क्या बोले इसरो चीफ

Chandrayaan 3 Mission: चंद्रयान-3 मिशन से एक दिन पहले इसरो वैज्ञानिकों की एक टीम गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति वेंकटचलपति मंदिर पहुंची। टीम ने अपने साथ चंद्रयान-3 का एक छोटा मॉडल भी लिया था। इस दौरान वैज्ञानिकों की टीम ने पूजा अर्चना की। मंदिर पहुंचने वालों में इसरो चीफ एस सोमनाथ भी शामिल थे। पूजा […]

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Chandrayaan 3 Mission: चंद्रयान-3 मिशन से एक दिन पहले इसरो वैज्ञानिकों की एक टीम गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति वेंकटचलपति मंदिर पहुंची। टीम ने अपने साथ चंद्रयान-3 का एक छोटा मॉडल भी लिया था। इस दौरान वैज्ञानिकों की टीम ने पूजा अर्चना की।

मंदिर पहुंचने वालों में इसरो चीफ एस सोमनाथ भी शामिल थे। पूजा के बाद इसरो चीफ ने कहा कि भारत कल दोपहर 2:35 बजे अपना तीसरा चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मैं प्रार्थना करता हूं कि सब कुछ ठीक हो जाए और यह 23 अगस्त के बाद किसी भी दिन चंद्रमा पर उतर जाए।

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इसरो चीफ के अलावा इसरो के वैज्ञानिक सचिव शांतनु बटवूडेकर समेत इसरो के कई वैज्ञानिक भी मंदिर पहुंचे।  एक वैज्ञानिक ने तिरुपति मंदिर में पूजा करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि चंद्रयान-3 चंद्रमा पर हमारा मिशन है, जिसकी लॉन्चिंग कल यानी शुक्रवार को निर्धारित है।

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राष्ट्रीय वायुमंडलीय अनुसंधान प्रयोगशाला (NARL) के निदेशक अमित कुमार पात्रा, चंद्रयान-3 के परियोजना निदेशक वीरमुथु वेल, चंद्रयान-3 की एसोसिएट परियोजना निदेशक कल्पना कालहस्ती और इसरो के अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक भी मंदिर में भगवान तिरुपति का आशीर्वाद लेने वाली टीम में शामिल थे।

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चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला चौथा देश बनेगा भारत

चंद्रयान-3, भारत का तीसरा चंद्र रिसर्च मिशन, भारत को चंद्रमा की सतह पर अपना अंतरिक्ष यान उतारने वाला चौथा देश बना देगा और चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग की अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेगा। इसरो ने एक ट्वीट में कहा कि मिशन रेडीनेस समीक्षा पूरी हो गई है। बोर्ड ने लॉन्च को अधिकृत कर दिया है। उलटी गिनती कल से शुरू होगी। इसे जीएसएलवी मार्क 3 (एलवीएम 3) हेवी-लिफ्ट लॉन्च वाहन पर लॉन्च किया जाएगा।

चंद्रयान-2 मिशन को 2019 में सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान चुनौतियों का सामना करने के बाद यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का एक और प्रयास होगा। इससे पहले लॉन्च रिहर्सल को इसरो ने पूरा कर लिया है। बता दें कि इसरो ने नागरिकों को श्रीहरिकोटा की दर्शक दीर्घा से बहुप्रतीक्षित चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण को देखने के लिए आमंत्रित किया है।

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चंद्रयान-2 मिशन के दौरान जब लैंडर चंद्रमा की सतह से महज एक पायदान की दूरी पर था, तब इसरो का संपर्क उससे टूट गया था। इसरो के पूर्व निदेशक के सिवन ने एएनआई को बताया कि मिशन चंद्रयान-3 की सफलता से गगनयान जैसे कार्यक्रमों का मनोबल बढ़ेगा।

First published on: Jul 13, 2023 12:08 PM

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