Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने देश में बढ़ती आर्थिक दिक्कतों को दूर करने का वादा किया है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रदर्शनकारियों की ‘ बात सुनने के लिए तैयार’ है. साथ ही कहा है कि ‘दंगाइयों’ और ‘आतंकवादी तत्वों’ को समाज तबाह नहीं करने देंगे. पेजेशकियन ने रविवार को सरकारी टेलीविजन पर एक इंटरव्यू में प्रदर्शनों के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि इजराइल और अमेरिका देश में अस्थिरता की साजिश रच रहे थे. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने देश के अंदर और बाहर कुछ लोगों को ट्रेनिंग दी है. उन्होंने बाहर से कुछ आतंकवादियों को खरीदा है.’
साथ ही ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने दुकानदारों की समस्याएं सुनी हैं और ‘किसी भी जरूरी तरीके से’ उनकी समस्याओं को हल करने जा रही है. लेकिन उन्होंने जनता से अपील की कि वे ‘दंगाइयों’ को देश में गड़बड़ी करने की इजाजत न दें, और जोर देकर कहा कि दंगाई प्रदर्शन करने वाले लोग नहीं हैं. हम प्रदर्शनकारियों की बात सुनते हैं और उनकी समस्याओं को हल करने की पूरी कोशिश की है.
ईरान ने चेताया है कि अगर अमेरिका उस पर हमला करता है , तो वह अमेरिकी सैनिकों और इजरायल पर पलटवार करेगा. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने कहा कि अमेरिकी हमले की स्थिति में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों और इजरायल निशाना बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान सिर्फ हमले का बाद जवाब देने तक ही सीमित नहीं रहेगा. इस दौरान संसद के लाइव सत्र में सांसदों ने ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे लगाए. कलीबाफ ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, ‘ईरान के लोगों को पता होना चाहिए कि हम गिरफ्तार किए गए लोगों को सबसे गंभीर सजा देंगे.’
वहीं, अटार्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी कि गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों पर ‘ईश्वर के शत्रु’ (मोहरेबेह) के रूप में मुकदमा चलाया जा सकता है, जिसकी सजा फांसी है.
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. 28 दिसंबर से ईरान में प्रदर्शन हो रहे हैं. अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के मुताबिक, अभी तक देशभर से 10,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बता दें, ईरान में प्रदर्शन करेंसी की गिरती कीमत और बढ़ती महंगाई की वजह से शुरू हुए थे और धीरे-धीरे पूरे ईरान में फैल गए. तेहरान, मशहद और केरमान जैसे शहरों में हिंसक झड़पें और इंटरनेट ब्लैकआउट की खबरें हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इन घटनाओं पर पैनी नजर रख रहे हैं. प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है. शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘ईरान आजादी की ओर देख रहा है, अमेरिका मदद के लिए तैयार है.’ इसके अलावा एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका सेना ने ईरान पर सैन्य विकल्पों की जानकारी भी डोनाल्ड ट्रंप को दी है. इससे अंदेशा जताया जा रहा था अमेरिका ईरान पर हमला करने की योजना बना रहा है. अमेरिका के विदेश मंत्री ने इजरायल के प्रधानमंत्री से भी इस बारे में बातचीत की है.
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