राघव चड्ढा ने NEET पेपर लीक पर तोड़ी चुप्पी, बताया- अब तक क्यों थे खामोश?
Raghav Chadha Speech In Rajya Sabha: आम आम पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले राघव चड्ढा की चुप्पी और NEET पेपर लीग पर बयान न देने पर लगातार सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब उन्होंने इस मुद्दे पर राज्यसभा में अपनी बात खुलकर रखी है.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Jul 31, 2026 16:17
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Jul 31, 2026 16:17
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Raghav Chaddha (Photo: Sansad TV)
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Raghav Chadha On NEET Paper Leak: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में बताया कि उन्होंने NEET पेपर लीक विवाद पर पहले सार्वजनिक रूप से बयान क्यों नहीं दिया था. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के लिए राजनीतिक बयानों के बजाय लंबे समय तक चलने वाले संस्थागत सुधारों की जरूरत थी. संसद में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर बहस के दौरान चड्ढा ने कहा कि विपक्ष से सत्ता पक्ष में आने के बाद उनकी जिम्मेदारियां बदल गई हैं.
‘बदल गया रोल’
संसद को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए उन्होंने सार्वजनिक मुद्दों पर सरकार से सक्रिय रूप से सवाल पूछे थे, लेकिन अब उनका रोल प्रैक्टिकल सॉल्यूशन में योगदान देने की है. राघव ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर तब तक पब्लिकली कमेंट नहीं किया जब तक कि परीक्षा में धोखाधड़ी से निपटने के लिए कोई ठोस रूपरेखा तैयार नहीं हो गई.
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‘सिस्टम को मजबूत करने की तैयारी’
राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें मीडिया का ध्यान खींचने के बजाय मीनिंगफुल आउटकम में ज्यादा दिलचस्पी है. उनके मुताबिक जब एग्जामिनेशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए सुधार लाए जा रहे हों, तो इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए संसद ही सही जगह है. उन्होंने NEET पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के प्रति एकजुटता भी जाहिर की और एस्पिरेंट्स उनके परिवारों की तरफ से की गई कड़ी मेहनत, कुर्बानियां और उठाए गए वित्तीय बोझ को स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि छात्रों की निराशा और मायूसी पूरी तरह से समझ में आने वाली है.
I spoke for every young Indian who believes that honest effort deserves an honest opportunity.
With the passage of the Public Examinations Amendment Bill, 2026, India’s first ever Anti Paper Leak framework comes into effect.
केंद्र सरकार के रिस्पॉन्स का जिक्र करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि छात्रों की चिंताओं को सुनने के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की. उन्होंने इस मुद्दे पर रिएक्ट करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की और कहा कि NEET पेपर लीक की जांच तेजी से पूरी की गई और 75 दिनों के भीतर फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई. उन्होंने ये भी ऐलान किया कि भविष्य में NEET एग्जाम OMR शीट के बजाय कंप्यूटर-बेस्ड सिस्टम के जरिए आयोजित की जाएंगी.
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राजनीति ने करने की अपील
पेपर लीक को लंबे समय से चली आ रही राष्ट्रीय समस्या बताते हुए चड्ढा ने राजनीतिक दलों से गुजारिश की है कि वो इस मुद्दे को दलीय राजनीति का मामला न बनाएं. उन्होंने पंजाब और कर्नाटक में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए तर्क दिया कि ऐसी घटनाएं अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में हुई हैं. उन्होंने एग्जामिनेशन सिस्टम में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए दोनों पक्षों के समर्थन की अपील की. बाद में, विपक्ष के विरोध और सदन से वॉकआउट के बीच संसद के दोनों सदनों ने ध्वनि मत से ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पारित कर दिया.