---विज्ञापन---

देश angle-right

एक और BJP नेता की बेटी ने किया छात्र प्रदर्शन का सपोर्ट, वजह भी बताई!

BJP Leader Vikram Singh Daughter: कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को देशभर में समर्थन मिला, लेकिन हैरानी तब हुई जब सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के परिवार के तरफ से भी सरकार के खिलाफ आवाजें उठने लगीं. अब उत्तर प्रदेश से पार्टी के पूर्व एमएलए विक्रम सिंह की बेटी ने भी सीजेपी प्रोटेस्ट को सपोर्ट किया और इसके पीछे की वजह भी बताई.

---विज्ञापन---

Yashaswinee Raje Singh Backs CJP Protests: बीजेपी नेता और यूपी के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के लीडरशिप में हो रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों का खुलकर समर्थन किया है. ‘अल जजीरा’ से बात करते हुए, उन्होंने बताया कि वो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों में क्यों शामिल हुईं और इस आंदोलन से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों पर अपनी राय रखी.

इस्तीफे पर सवाल

इंटरव्यू के दौरान यशस्विनी राजे सिंह ने हाल ही में नियुक्त शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की आलोचना की और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अहमियत पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस्तीफे को कोई बहुत अहम घटना नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि इससे असली जवाबदेही का पता नहीं चलता. उन्होंने प्रधान के रेजिग्नेशन लेटर में इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई, खासकर उस हिस्से पर जिसमें ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों’ की तरफ से हालात का फायदा उठाने से रोकने की बात कही गई थी.

---विज्ञापन---

सीजेपी के तारीफ

विरोध प्रदर्शनों पर कमेंट करते हुए यशस्विनी ने कहा कि सीजेपी ने युवाओं को कामयाबी एकजुट किया, जिनमें वो लोग भी शामिल थे जिनकी पहले राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी. उनके मुताबिक, आंदोलन ने ‘जेन जी’ (Gen Z) को जोड़ने और देश भर में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मीम्स और डिजिटल कैंपेन का असरदार ढंग से इस्तेमाल किया.

परिवार से अलग राय क्यों?

उन्होंने अपनी निजी जिंदगी के बारे में भी बात की और कहा कि वो अपनी राजनीतिक राय को अपने परिवार से अलग रखती हैं. यशस्विनी ने बताया कि वो आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं, अकेले रहती हैं और कई सालों से फतेहपुर सदर में अपने पिता के चुनावी क्षेत्र में नहीं गई हैं. उन्होंने कहा कि ये दूरी बनाए रखने से उन्हें अपनी बात खुलकर कहने की आजादी मिलती है. ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन 36 दिनों तक चले और आंदोलन की सबसे बड़ी मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था, जिसके बाद प्रोटेस्ट खत्म. इन प्रदर्शनों ने देश भर का ध्यान खींचा और इंटरनेशनल मीडिया में भी सुर्खियां बटोरीं.

---विज्ञापन---

इन बीजेपी नेताओं के घर से भी उठी आवाजें

यशस्विनी किसी बीजेपी नेता के परिवार की इकलौती सदस्य नहीं हैं जिन्होंने इन विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है. इससे पहले, बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता रहर और असम के राजस्व मंत्री केशव महंत की बेटी दिबिसा महंत ने भी छात्र आंदोलन का खुलकर समर्थन किया था.

First published on: Jul 31, 2026 06:53 PM

End of Article

About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

Read More

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola