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नाल और चबुआ एयरफोर्स स्टेशन की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंची: बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश, IAF कर्मचारी गिरफ्तार

देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा जासूसी मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है. भारतीय वायुसेना से जुड़े एक नागरिक कर्मचारी को पाकिस्तान तक गोपनीय सैन्य सूचनाएं पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. जांच में सामने आया है कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है, जो भारत के पश्चिमी और पूर्वोत्तर दोनों सामरिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा था.

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देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा जासूसी मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है. भारतीय वायुसेना से जुड़े एक नागरिक कर्मचारी को पाकिस्तान तक गोपनीय सैन्य सूचनाएं पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. जांच में सामने आया है कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है, जो भारत के पश्चिमी और पूर्वोत्तर दोनों सामरिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा था.

पश्चिम से पूर्व तक फैला जासूसी नेटवर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक, बीकानेर स्थित नाल एयरफोर्स स्टेशन और असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाई गईं. ये दोनों एयरबेस भारत की रक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभाते हैं—एक पश्चिमी सीमा पर और दूसरा पूर्वोत्तर में.

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आरोपी की पहचान और भूमिका

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित कुमार के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का निवासी है. वह डिब्रूगढ़ जिले में स्थित चबुआ एयरफोर्स स्टेशन में मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के पद पर कार्यरत था. हालांकि उसका पद तकनीकी नहीं था, लेकिन उसने अपनी सीमित पहुंच का दुरुपयोग करते हुए गोपनीय सूचनाएं जुटाईं और उन्हें पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाया.

जैसलमेर से खुला राज

इस पूरे नेटवर्क का खुलासा जनवरी 2026 में जैसलमेर में हुई एक गिरफ्तारी से हुआ. यहां से झबराराम नामक संदिग्ध को पकड़ा गया था. पूछताछ के दौरान सुमित कुमार का नाम सामने आया, जिसके बाद जांच का दायरा राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ा.

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राजस्थान इंटेलिजेंस और एयरफोर्स इंटेलिजेंस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की गतिविधियों की पुष्टि की. बाद में उसे चबुआ से हिरासत में लेकर जयपुर लाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की गई.

क्या-क्या लीक हुआ?

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कई अत्यंत संवेदनशील जानकारियां साझा कीं, जिनमें शामिल हैं:

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  • लड़ाकू विमानों की लोकेशन और तैनाती मिसाइल सिस्टम की स्थिति और क्षमता,
  • एयरफोर्स अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी
    एयरबेस की गतिविधियां और संरचना

विशेष रूप से नाल एयरफोर्स स्टेशन की जानकारी लीक होना बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि यह पाकिस्तान सीमा के नजदीक स्थित एक रणनीतिक एयरबेस है.

First published on: Mar 23, 2026 04:12 PM

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About the Author

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.

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