---विज्ञापन---

15 साल के बाद मिला था पोता, ‘जहरीले’ पानी ने छीन लिया दादी-दादा का साया; इंदौर की दर्दनाक कहानी

भागीरथपुरा के लोगों ने सरकार पर मौत के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि दूषित पानी की वजह से 33 लोगों की मौत हुई है, जबकि सरकार ने यह आंकड़ा 21 बताया है.

---विज्ञापन---

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके की एक दर्दनाक कहानी सामने आई है, जहां एक परिवार में 15 साल के लंबे इंतजार के बाद पोते का जन्म हुआ था. लेकिन वहां के दूषित पानी ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं. पहले 70 साल की दादी उर्मिला यादव और फिर उनकी तेरहवीं खत्म होते ही उनके पति अल्घुराम यादव की गंदा पानी पीने से मौत हो गई.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 दिसंबर को उर्मिला यादव की उल्टी और दस्त की वजह से निधन हो गया. उनकी शोक की रस्में खत्म हुईं और उनके पति अल्घुराम यादव बीमार पड़ गए. गुरुवार रात अस्पताल में करीब एक महीने तक भर्ती रहने के बाद उनकी भी मौत हो गई. अल्घुराम यादव को 9 जनवरी को उल्टी और दस्त होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उन्हें पहले से ही लकवा, दाहिनी जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर समेत दूसरी बीमारियां थी. लेकिन परिवार का दावा है कि वे 8 जनवरी तक बिल्कुल सही थे.

---विज्ञापन---

उर्मिला के बीमार होने से ग्यारह महीने पहले परिवार में पंद्रह साल के इंतजार के बाद बच्चे का जन्म हुआ था. उर्मिला पहली बार दादी बनी थीं. उन्हें अपने पोते के
साथ मुश्किल से आठ से दस महीने मिले. एक शाम उन्हें उल्टी हुई, अगली सुबह वह आईसीयू में थीं और रविवार को निधन हो गया.

परिवार का आरोप है कि अल्घुराम की मौत के बाद, हमें बताया गया कि अन्य बीमारियां की वजह से उनका निधन हो गया. परिवार का कहना है कि प्रशासन झूठ बोल रहा है, अगर ये सच है तो सरकार ने लाखों रुपये के अस्पताल के बिल क्यों चुकाए?

---विज्ञापन---

उर्मिला की मौत के बाद परिवार को रेड क्रॉस सोसाइटी से 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली.

उर्मिला की मौत के तीसरे दिन 31 दिसंबर को तबीयत खराब होने पर पोते को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसे इलाज के बाद घर ले आया गया.

---विज्ञापन---

आंकड़े छिपाने का आरोप

भागीरथपुरा के लोगों ने सरकार पर मौत के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया है. लोगों का कहना है कि दूषित पानी की वजह से 33 लोगों की मौत हुई है, जबकि सरकार ने यह आंकड़ा 21 बताया है.

First published on: Feb 07, 2026 04:59 PM

End of Article

About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola