---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

рджреЗрд╢ angle-right

рдЬреВрди 2026 рдореЗрдВ рдЗрдВрдбрд┐рдпрди рдиреЗрд╡реА рдХреЛ рдорд┐рд▓реЗрдЧреА рдмрдбрд╝реА рддрд╛рдХрдд, рдПрдХ рд╕рд╛рде рд╢рд╛рдорд┐рд▓ рд╣реЛрдВрдЧреЗ 3 рд╕реНрд╡рджреЗрд╢реА рдпреБрджреНрдзрдкреЛрдд

рдЬреВрди 2026 рдореЗрдВ рднрд╛рд░рддреАрдп рдиреМрд╕реЗрдирд╛ рдХреЛ рдмрдбрд╝реА рддрд╛рдХрдд рдорд┐рд▓рдиреЗ рдЬрд╛ рд░рд╣реА рд╣реИ. рдЗрдВрдбрд┐рдпрди рдиреЗрд╡реА рдЕрдкрдиреЗ рдмреЗрдбрд╝реЗ рдореЗрдВ рдПрдХ рд╕рд╛рде рддреАрди рд╕реНрд╡рджреЗрд╢реА рдпреБрджреНрдзрдкреЛрдд рд╢рд╛рдорд┐рд▓ рдХрд░реЗрдЧреА, рдЬрд┐рдирдореЗрдВ рд╕реНрдЯреАрд▓реНрде рдлреНрд░рд┐рдЧреЗрдЯ рджреБрдирд╛рдЧрд┐рд░реА, рдПрдВрдЯреА-рд╕рдмрдорд░реАрди рд╡реЙрд░рд╢рд┐рдк рдЕрдЧреНрд░рдп рдФрд░ рд░рд┐рд╕рд░реНрдЪ рд╡ рд╕рд░реНрд╡реЗрдХреНрд╖рдг рдкреЛрдд рд╕рдВрд╢реЛрдзрдХ рд╢рд╛рдорд┐рд▓ рд╣реИрдВ. рдЖрддреНрдордирд┐рд░реНрднрд░ рднрд╛рд░рдд рдЕрднрд┐рдпрд╛рди рдХреЗ рддрд╣рдд рддреИрдпрд╛рд░ рдпреЗ рдпреБрджреНрдзрдкреЛрдд рдмреНрд░рд╣реНрдореЛрд╕ рдорд┐рд╕рд╛рдЗрд▓, рдмрд░рд╛рдХ-8 рдПрдпрд░ рдбрд┐рдлреЗрдВрд╕ рд╕рд┐рд╕реНрдЯрдо рдФрд░ рдЖрдзреБрдирд┐рдХ рд░рдбрд╛рд░ рддрдХрдиреАрдХ рд╕реЗ рд▓реИрд╕ рд╣реИрдВ.

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

अगले महीने यानी जून 2026 में इंडियन नेवी के बेड़े में बहुत बड़ा इजाफा होने जा रहा है. सेना में एक साथ तीन लड़ाकू समुद्री जहाजों को शामिल किया जाएगा, जिसे शत प्रतिशत आत्मनिर्भर भारत के तहत तैयार किया गया है. सबसे खास बात ये है कि इन तीन जहाजों में स्टील्थ फ्रिगेट, एक एंटी सबमरीन वॉरशिप और एक समंदर में रिसर्च करने वाला जहाज है. ऑपेरशन सिंदूर के दौरान हिन्द महासागर में चीन की नेवी लगातार एक्टिव रही थी और अभी भी भारत की समुद्री सीमा के पास आकर अपनी खोखली ताकत को दिखाने की कोशिश में लगी रहती है. ऐसे में इंडियन नेवी का ये फैसला हिन्द महासागर में अपनी ताकत को मजबूत करने को लेकर एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

किस श्रेणी के हैं जहाज?

इंडियन नेवी में शामिल किए जाने वाले ये जहाज दुनागिरी, अग्रय और संशोधक हैं. इन्हें कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने तैयार किया है. नेवी सूत्रों ने न्यूज 24 को जानकारी देते हुए बताया कि 45,000 करोड़ रुपये की परियोजना 17ए के तहत पांचवां स्टील्थ फ्रिगेट दुनागिरी जून 2026 में इंडियन नेवी में शामिल हो जाएगा. इसके साथ ही एंटी सबमरीन वॉरशिप अग्रय और बड़े सर्वेक्षण पोत संशोधक को भी बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा.

---विज्ञापन---

आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान

पी-17ए यानी नीलगिरी श्रेणी युद्धपोत भारत के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रम में 75 प्रतिशत देशी सामग्री लगाई गई है. आपको बता दें कि इसमें पांचवी पीढ़ी का एडवांस्ड आर्म्स, सेंसर और मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं. रिटायर्ड एडमिरल अनूप सिंह ने न्यूज 24 को विशेष जानकारी देते हुए कहा कि ये फ्रिगेट ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों, बराक-8 सतह से वायु में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम, एमएफ-स्टार निगरानी रडार और पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं से लैस हैं. 149 मीटर लंबे इन युद्धपोतों का डिस्प्लेसमेंट 6,670 टन है, ये 28 समुद्री मील तक की स्पीड पकड़ सकते हैं और इनमें 225 क्रू हो सकते हैं.

First published on: May 19, 2026 11:44 PM

End of Article

About the Author

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola