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इंडियन नेवी का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा, ‘होमुर्ज संकट’ के बीच वेस्ट एशिया में तैनात किया युद्धपोत

नवसेना सूत्रों ने न्यूज़ 24 को जानकारी देते हुए बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जो कभी चर्चा में नही रहा, आज पूरे वर्ल्ड के लिए खास बन गया है क्योंकि इसे सबसे इम्पोर्टेन्ट ऊर्जा चेक पॉइंट माना जाता है.

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Written By: Pawan Mishra Updated: Mar 27, 2026 20:22

भारतीय नौसेना ने वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा को लॉन्च किया हैं, न्यूज़ 24 को मिली जानकारी के मुताबिक. होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत-बाउंड तेल, एलपीजी और एलएनजी टैंकरों की सिक्युरिटी को लेकर पुरी तरह से अलर्ट है. पूर्व नवसेना अधिकारी रंजीत रॉय के मुताबिक इंडियन नेवी का लिया गया यह फैसला बेहद जरूरी है क्योंकि इंटेरनेशनल मार्किट में इंडिया का पॉवर ट्रेड का 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है इसलिए नवसेना ने जो 5 युद्धपोतों की तैनाती की है वह समुंद्री शक्ति दिखाने के लिए की है.

नवसेना सूत्रों ने न्यूज़ 24 को जानकारी देते हुए बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जो कभी चर्चा में नही रहा, आज पूरे वर्ल्ड के लिए खास बन गया है क्योंकि इसे सबसे इम्पोर्टेन्ट ऊर्जा चेक पॉइंट माना जाता है. वर्तमान में सिर्फ भारत ही नही हो रहे युद्ध से करीब 80 देश प्रभावित हुए है. जिस वजह से भारत के अभी दर्जनों बाउंड जहाज फंसे हुए है. भारतीय नवसेना के एक बड़े अधिकारी ने न्यूज़ 24 से बातचीत में कहा कि फिलहाल अभी 25 जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकालने की कोशिश चल रही है.

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सेना की कूटनीति के कारण ही जब अमेरिका ईरान एक दूसरे पर जमकर हमला कर रहे थे तब उसी वक़्त एलपीजी कैरियर पाइन गैस और जग वसंत ने नौसेना के नेतृत्व में होर्मुज को पार करने में सफलता पाई थी. आपको बता दें कि इन दोनों शिप में लगभग 95,000 टन एलपीजी है, जो अगले कुछ दिनों में भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने वाला है. इसके पहले शिवालिक, नंदा देवी जैसे दूसरे एलपीजी कैरियर और क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी को भी सुरक्षित निकाला गया था.

क्या फायदा है इस ऑपरेशन से?


अमेरिका, इजराइल और ईरान जैसे ही एक दूसरे के सामने आए भारत मे तेल और गैस के संकट गहराने शुरू हो गए. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से यह आस्वासन दिया गया कि ज्यादा पैनिक होने की जरूरत नही है. रक्षा मामलों के जानकार दिनाकरन पेरी के मुताबिक अगर होर्मुज में रुकावट के कारण भारत में तेल-गैस आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है, जिसका असर इकोनॉमिक और आम जनता दोनों पर पड़ सकता है और इसकी बानगी दिखनी शुरू भी हो गई है. इस ऑपरेशन का मकसद ऊर्जा सुरक्षा की मजबूती में कोई कमी नही रह जाये उसे घ्यान में रखकर लॉन्च किया गया है. आपको बता दे कि ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा भारतीय नवसेना की ताकत का सबूत भी दे रहा है.

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First published on: Mar 27, 2026 08:22 PM

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